फेम इंडिया-एशिया पोस्ट "असरदार ब्यूरोक्रेट्स 2020 " सर्वे रिपोर्ट जारी

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार सिंह

देश के 50 असरदार ब्यूरोक्रेट्स में बिहार के आईएएस प्रत्यय अमृत, आमिर सुबहानी, विवेक सिंह और के के पाठक का नाम भी शामिल


दिल्ली : वैसे तो ब्यूरोक्रैसी का देश के विकास में सबसे अहम योगदान है, परन्तु ये आम धारणा बना दी गयी है कि ब्यूरोक्रैट्स करते ही क्या हैं? अक्सर नौकरशाही को लालफीताशाही से जोड़ कर इसे नकारात्मक रूप में पेश किया जाता है, जबकि वास्तविकता ये है कि देश के सर्वांगीण विकास से लेकर किसी भी योजना के क्रियान्वयन तक में इनकी भूमिका सबसे अहम होती है। सर्वोच्च ब्यूरोक्रैसी के प्रतीक आईएएस अधिकारियों का समाज और देश के निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण योगदान है, परन्तु आम तौर पर उनके बेहतरीन कार्य का श्रेय सत्ताधारियों को मिल जाता है। हर कोई उनसे अपना काम साधने की फिराक में तो रहता है, किन्तु तारीफ राजनेता के हिस्से आता है।


फेम इंडिया मैगजीन के संपादकीय प्रमुख उमाशंकर सोंथालिया ने बताया कि एक जिम्मेदार व सकारात्मक मीडिया होने के नाते फेम इंडिया ने देश निर्माण में अपनी बेहतर भूमिका निभा रहे हजारों आईएएस अधिकारियों को सम्मान एवं श्रेय देने का निर्णय किया है। वर्तमान में देश भर के कार्यरत 5000 से भी ज्यादा आईएएस अधिकारियों में से सिर्फ 50 आईएएस को बतौर असरदार के तौर पर चुनना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था। सर्वप्रथम फेम इंडिया मैगजीन ने एशिया पोस्ट सर्वे के साथ मिलकर 1984 से 1995 तक के ब्यूरोक्रैट्स को इस सर्वे में शामिल किया। विभिन्न स्रोतों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर लगभग 200 अधिकारियों के नामों का चयन किया गया, जो अपनी उत्कृष्टता के कारण विशिष्ट स्थान रखते हैं।। ये इतना कठिन कार्य था कि इनमें से सर्वश्रेष्ठ चुनना लगभग असंभव था। हमने उन सभी अधिकारियों को स्टेकहोल्ड सर्वे के आधार पर 50 कैटेगरियों में बांटा और हर कैटगरी से एक प्रमुख असरदार ब्यूरोक्रेट्स को फेम इंडिया के अंक में प्रकाशित कर रहे हैं। 

निम्नांकित 7 मापदंड  
शानदार गवर्नेंस , दूरदर्शिता
उत्कृष्ट सोच , जवाबदेह कार्यशैली, अहम फैसले लेने की त्वरित क्षमता , गंभीरता और व्यवहार कुशलता पर आधारित सर्वे में प्रमुख स्थान पर आए 50 असरदार ब्यूरोक्रेट्स  :- ( नाम, बैच, कैडर) 


• अजय भल्ला - 1984  असम मेघालय 

• अजय प्रकाश साहनी - 1984 आंध्र प्रदेश

• डॉ अजय कुमार - 1985 केरल 

 • इकबाल सिंह बैंस - 1985 मध्य प्रदेश 
 
• उषा शर्मा - 1985 राजस्थान 

 • आलोक टंडन - 1986 उत्तर प्रदेश 

 • संजीव नंदन सहाय - 1986 यूनियन टेरेटरी 

 •अनिल कुमार कांची -1986 हिमाचल प्रदेश 

• अनिल कुमार जैन -  1986 मध्य प्रदेश 

• मनु कुमार श्रीवास्तव -  1986 महाराष्ट्र 

 • विजय कुमार देव - 1987 यूनियन टेरेटरी

 • देवाशीष पांडा - 1987 उत्तर प्रदेश 

 • विनी महाजन - 1987 पंजाब 

• इंदू शेखर चतुर्वेदी 1987 झारखंड 

 • तरूण कपूर - 1987 हिमाचल प्रदेश 

• बी वी आर सुब्रमण्यम - 1987 छत्तीसगढ़ 

 • रामेश्वर प्रसाद गुप्ता 1987 गुजरात 

• लीना नंदन -  1987 उत्तर प्रदेश 

• आमिर सुबहानी  1987 बिहार 

• तुहिन कांत पांडेय -  1987 ओडिशा 

 • तल्लीन कुमार - 1987 पश्चिम बंगाल

 • वसुधा मिश्रा - 1987 तेलंगाना 

• राजेश वर्मा -  1987 ओडिशा 

• अरविंद सिंह - 1988 महाराष्ट्र 

• तरूण बजाज - 1988 हरियाणा

• एस अपर्णा - 1988 गुजरात 

• कैलाश कुमार खंडेलवाल -  1988 झारखंड 

• टी वी एस एन प्रसाद -  1988 हरियाणा

• विवेक कुमार सिंह -  1989 बिहार 

• मनिंदर सिंह - 1989 असम मेघालय 

 • धर्मेन्द्र - 1989 यूनियन टेरेटरी 

• इकबाल चहल - 1989 महाराष्ट्र 

• मनोज कुमार दास -  1990 गुजरात 

• केशव कुमार पाठक -  1990 बिहार 

 • अनिरुद्ध तिवारी - 1990 पंजाब 

 • प्रत्यय अमृत -  1991 बिहार 

• एस गोपालकृष्णन - 1991 तामिलनाडु 

 • देव श्री मुखर्जी - 1991 यूनियन टेरेटरी 

 • सुप्रिया साहु - 1991 तामिलनाडु 

• सुमिता देवरा - 1991आंध्र प्रदेश

• रचना शाह - 1991 केरल 

• सुब्रत साहू - 1992 छत्तीसगढ़ 

 • धीरज गुप्ता - 1993 जम्मू कश्मीर

 • अरविंद श्रीवास्तव  - 1994 कर्नाटक 

• पी अमुधा - 1994 तामिलनाडु 

 • कुलदीप रांका -1994 राजस्थान 

• दीपाली रस्तोगी -  1994 मध्य प्रदेश 

•  संजीव खिरवार - 1994 यूनियन टेरेटरी 

• मनीष जैन -  1994 पश्चिम बंगाल

 • संजय प्रसाद  - 1995 उत्तर प्रदेश

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