सियासी खींचतान के बीच जीतन राम मांझी ने चिराग पासवान से की बातचीत, जानें क्या है पूरा मामला

पटना: एनडीए घटक दल एलजेपी के पूर्व अध्यक्ष रामविलास पासवान की तबीयत पिछले कुछ दिनों से ज्यादा खराब है. ऐसे में पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने बुधवार को एलजेपी अध्यक्ष और रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान से फोन पर बातचीत की और रामविलास पासवान के तबीयत के बारे जानकारी ली और उनके जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की.

इस संबंध में जब जीतन राम मांझी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमारे पार्टी की आइडियोलॉजी भले अलग हो, मानवता बिल्कुल अलग है. हमने मानवता के नाते रामविलास पासवान की सेहत का हाल जाना. चिराग पासवान ने अपने दल के कार्यकर्ताओं भावुक पत्र लिखा था. ऐसे में मैंने सोचा कि बात करनी चाहिए क्यूंकि वो भी दलित समाज के एक बड़े नेता हैं.

जेडीयू और एलजेपी के बीच चल रही खींचतान के संबंध में कहा कि हम तो चाहेंगे कि एनडीए में सब अच्छा हो जाए. मैं चाहता हूं कि एनडीए एकजुट रहे. ऐसे लड़ेंगे तो हमलोग नीतीश जी के नेतृत्व में मजबूत सरकार बनाएंगे. अगर इसमें कोई कसर है और बातचीत करने की जरूरत है तो हम करेंगे. लेकिन आज की बात उस संदर्भ में नहीं है.

महागठबंधन में चल रही खींचतान के संबंध में जीतन राम मांझी ने कहा बहुत पहले से मैं बोल रहा हूं कि महागठबंधन में जो हैं वो हिडन एजेंडा पर चले रहे हैं. तो कोई पहले समझा कोई देर से, समझना तो सबको है. ऐसे में वो अपना रास्ता निकालें. मैंने तो रास्ता निकाल लिया और नरेंद्र मोदी के साथ आ गया.

उन्होंने कहा, " मैं हमेशा से कहता था कि महागठबंधन में जब भी कुछ तय हो सभी पार्टियों की बैठक करके तय हो. लेकिन यह बात आरजेडी के लोग मानने को तैयार नहीं हैं. उनके प्रवक्ता कहते हैं कि बिहार ने मान लिया है कि तेजस्वी यादव उनके मुख्यमंत्री हैं. ऐसा में दूसरे की क्या जरूरत है." उपेंद्र कुशवाहा के एनडीए में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उपेंद्र जी अपनी सोच है, उनको जो करना होगा करेंगे. एनडीए में उनकी एंट्री होगी की नहीं इस संबंध में नरेंद्र मोदी और नीतीश जी विचार करेंगे.

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