"मेरी मोबाईल, मेरा विद्यालय" 'लाॅक डाउन' में कक्षा 6 से 12 के बच्चे 'उन्नयन ऐप' से घर बैठे करें पढ़ाई- कुंदन कुमार



👉उन्नयन एप पर पढ़ाई के साथ-साथ टेस्ट भी और विशेषज्ञों से प्रश्नों के तर्कसंगत उत्तर जाने विद्यार्थी

अर्जुन कुमार/नरकटियागंज

बेतिया पश्चिम चम्पारण जिला के समाहर्त्ता कुंदन कुमार ने कोविड 19 कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचाव के लिए देश मे "लॉक डाउन" के दौरान नौनिहालों की शिक्षा के
मद्देनजर "उन्नयन ऐप"  से पढ़ाई करने की सलाह दी है। बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए विद्यालय बंद कर दिये गये हैं। ऐसी परिस्थिति में आपका मोबाईल ही आपका विद्यालय बन सकता है। "उन्नयन एप" पर कोई भी छात्र-छात्राएं कक्षा 06 से 12 वीं तक के पाठ्यक्रम को पढ़ सकते हैं। सिर्फ पढ़ ही नहीं सकते, बल्कि पढ़ते समय अगर किसी भी तरह की कोई परेशानी आती है या फिर मन में कोई सवाल आता है तो इस एप पर छात्र-छात्राएं सवाल भी पूछ सकते हैं। जिसका जवाब उस विषय के विशेषज्ञ देंगे। "उन्नयन एप" को "प्ले स्टोर" से डाउनलोड कर छात्र-छात्राएं विद्यालीय का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं, वो भी बिल्कुल निःशुल्क। जिला पदाधिकारी ने कहा कि "लाॅक डाउन" के कारण सभी विद्यालयों में पठन-पाठन कार्य बाधित है। इस परिप्रेक्ष्य में उन्नयन एप छात्र-छात्राओं के लिए बेहद उपयोगी है। इस एप के माध्यम से छात्र-छात्राएं घर बैठे गुणवत्तापूर्ण एवं उपयोगी शिक्षा निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। उन्नयन में एनिमेशन और ग्राफिक्स का यूज कर विषयों का सरल काॅन्सेप्ट वीडियो तैयार किया गया है। जिसे बच्चे कठिन टाॅपिक को भी आसानी से सीख सकते हैं। जितनी बार चाहे काॅन्सेप्ट वीडियो को रिवाईज भी कर सकते हैं। इसके साथ-साथ जो शिक्षक या कोई भी व्यक्ति बच्चों को पढ़ाना चाहते हों या बच्चों के प्रश्नों का जवाब देना चाहते हों वे भी उन्नयन एप डाउनलोड कर सकते हैं। इस लाॅकडाउन के समय बच्चों के प्रश्नों का उत्तर देकर आप अपने समय का सदुपयोग भी कर सकते हैं और बच्चों को लाभ पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि 2017 में बांका जिला से उन्नयन ऐप की शुरूआत की गयी, जिसको काफी सराहा गया। उन्नयन पाठ्यक्रम शुरू के पश्चात बांका जिला में शिक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व क्रांति आयी, बांका जिला ने कई स्टेट टाॅपर दिये। प्रधानमंत्री कई राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय संस्थानों ने "उन्नयन ऐप" को नवाज़ा।

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