एनएच-30 पर डंपर की चपेट में आने से युवक की मौत,हादसे के बाद लगा रहा जाम, अधिकारी के आश्वासन के बाद ग्रामीण हाईवे से हटे

जगदीशपुर। आरा-मोहनिया एनएच थर्टी पथ पर डंपर की चपेट में आने से युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना सोमवार की सुबह की है जब युवक बाइक से अपने गांव से जगदीशपुर आ रहा थे तभी धनगाई थाना क्षेत्र अंतर्गत महादेव चौक यात्री सेड के समीप विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार से डंपर ने जोरदार धक्का मार दिया। इससे युवक डंपर के पिछले टायर के नीचे आ गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत उतरदाहा गांव निवासी रामबचन सिंह का 34 वर्षीय पुत्र उपेंद्र कुशवाहा है, जो पेशे से किराना दुकानदार थे। उपेंद्र कुशवाहा किराना दुकान के सामान के लिए जगदीशपुर आ रहे थे। इधर, हाईवे पर घटना होते ही अगल बगल के लोग दौड़ कर घटनास्थल पर पहुंचे तो युवक के देखकर सभी का रूह कांप गया। लोग कयास लगा रहे कि लगभग विस फिट युवक को सड़क पर डंपर ने लगड़ा था।

घटना के पश्चात मची अफरा-तफरी

घटना की सूचना मिलते ही जगदीशपुर व धनगाई पुलिस पहुंची और मृतक का शव को अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान घटनास्थल पर अफरा तफरी मची रही। लोगों की बड़ी संख्या में हुजूम उमड़ा था। घटना के बाद डम्फर के चालक और खलासी गाड़ी छोड़कर फरार हो गया। परिजनों से पंचनामा भराकर शव को पोस्टमार्टम के लिए आरा, सदर अस्पताल भेजा गया।

सड़क जाम कर काटा बवाल, मुआवजा राशि की मांग  

घटना से गुस्साए आक्रोशित लोगो ने माले नेता अजीत कुशवाहा के नेतृत्व में शव के साथ सड़क जाम कर आवागमन अवरुद्ध कर दिया। करीब तीन घन्टे तक सड़क जाम के चलते वाहनो की लंबी कतार लग गई। गुस्साए लोग एफआईआर करने, डम्फर (ट्रक ) जब्ती और  मुआवजे की मांग कर रहे थे।  घटना की सुचना मिलने के बाद जगदीशपुर प्रखण्ड विकास पदाधिकारी कृष्ण मुरारी व अंचलाधिकारी जयराम प्रसाद ने घटना स्थल पहुंचकर लोगो को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी द्वारा मृतक के परिजनों को तत्काल 20 हजार रुपया मुहैया कराया गया तथा श्रम विभाग से 1 लाख रुपया मुआवजा दिलाने के आश्वासन के बाद सड़क जाम समाप्त हुआ।

तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया : 

मृतक उपेंद्र कुशवाहा के सन 2004 में आरा- चौराई के पास शादी हुआ था। बताया जाता है कि मृतक के दो पुत्रियां और एक पुत्र हैं। पत्नी का नाम रीता कुमारी है। एक झटके में ही बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाएगा यह किसी ने नहीं सोचा था। घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक की पत्नी और परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

बिहार की तमाम सड़के असुरक्षित: अजीत

युवा नेता अजीत कुशवाहा ने कहा की बिहार की तमाम सड़के असुरक्षित है। यहां आदमी सड़क पर सुबह निकलता है तो शाम को घर लौटेगा की नही इसकी कोई उम्मीद नही है। उन्होने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि 20 हजार का मुआवजा राशि बहुत ही कम है। सरकार को सभी जातियों के लिए आकस्मिक या एक्सिडेंटल मौत में 4 लाख का मुआबजा राशि कर  देनी चाहिए।

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