बिहार में बागमती और कमला खतरे के निशान से ऊपर, 17 जिलों में भारी बारिश की संभावना

PATNA:
बिहार में बेनीबाद में बागमती और जयनगर व झंझारपुर रेल पुल के पास कमला बलान शुक्रवार को खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी. वही गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, फल्गु, महानंदा और घाघरा नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गयी. कोसी और गंडक नदियों का डिस्चार्ज इस साल शुक्रवार को अधिकतम रहा. जल संसाधन विभाग ने बाढ़ से बचाव के लिए अपने सभी इंजीनियरों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है.

गंगा नदी का जलस्तर बक्सर में गुरुवार को 52.49 मीटर था शुक्रवार को इसमें 19 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई, यह 52.68 मीटर हो गया. पटना के दीघा घाट पर यह गुरुवार को 47.07 मीटर था. इसमें 35 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई. यह शुक्रवार को 47.42 मीटर हो गया. पटना के गांधी घाट पर यह गुरुवार को 46.20 मीटर था. इसमें 31 सेंटीमीटर में भी बढ़ोतरी हुई और शुक्रवार को 46.51 मीटर हो गया. वहीं, गंगा के जलस्तर में हाथीदह में 24 सेंटीमीटर, मुंगेर में 30 सेंटीमीटर भागलपुर में 13 सेंटीमीटर और कहलगांव में पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी.

बागमती नदी का जलस्तर बेनीबाद में खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा था. कमला बलान नदी जयनगर में खतरे के निशान से 45 सेंटीमीटर और झंझारपुर रेल पुल के पास 90 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी. पुनपुन नदी के जलस्तर में श्रीपालपुर में 53 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई. महानंदा नदी का जलस्तर तैयबपुर में 55 सेंटीमीटर बढ़ा. घाघरा नदी के जलस्तर में दरौली में 24 सेंटीमीटर और गंगपुर सिसवन में 51 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी. बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में खगड़िया में 20 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी.

बिहार के 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गयी है. पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, बक्सर, भभुआ, कटिहार, भागलपुर और कटिहार में भारी बारिश की संभावना अनिशाबाद स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से व्यक्त की गयी थी. वहीं, पटना सहित आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मॉनसून की ट्रफ लाइन अभी दक्षिणी बिहार के ऊपर बना हुआ है. इससे उत्तर के जिलों में थोड़ा राहत हो सकती है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूरे राज्य में यह स्थिति 12 जुलाई तक बनी रहने की संभावना है.

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