सत्रह सुत्री मांगों को लेकर सहायिकाओं का पांचवें दिन भी धरना


जगदीशपुर।
बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति के आहवान पर जगदीशपुर बाल विकास परियोजना कार्यालय के समक्ष आंगनबाड़ी सेविका सहायिका का  धरना पाचवे दिन भी जारी रहा। आंगनबाड़ी सेविका एवम सहायिकाओं ने अपनी सत्रह सुत्री मांगो के समर्थन में अनिश्चितकालीन धरना जारी रखते हुए केंद्र एवम राज्य सरकार के खिलाफ रोषपूर्ण नारे लगाए। धरना की अध्यक्षता मीरा देवी ने की।  धरना को संबोधित करते हुए एटक के  जिला प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कु 2015 मे ही राष्ट्रीय 43 वा श्रम सम्मेलन मे आंगनबाड़ी कर्मियों को मजदुर का दर्जा देने का फैसला किया गया था, लेकिन इतने दिनों के बाद भी केंद्र की सरकार आंगनबाड़ी को मजदुर का दर्जा नही दे रही है। इसलिए सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त करने मे यूनियन को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कारपोरेट पक्षी नीतियों को बढ़ावा देकर श्रमिक वर्ग को परेशान करने पर तुले है। वे सभी कल्याणकारी स्कीम को समाप्त कर देश मे पूजीवादी शासन को चलाना चाहते है।जिसके चलते आज देश मे भयंकर बेरोजगारी बढ़ रही है और आने वाले दिन बहुत बड़ी महामारी के रूप में साबित होगा। उन्होंने राज्य सरकार पर बोलते हुए कहा कि 2018 मे राज्य सरकार संघर्ष समिति से समझौता के  बावजूद 50 प्रतिशत राज्य बढ़ोतरी मानदेय देने से कतरा रही है पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, अनुकम्पा पर बहाली सहित यूनियन के अन्य  प्रमुख मांगो पर जब तक राज्य सरकार  बिचार नही करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना को संबोधित करने वाले मे जानकी देवी, मीरा देवी, ललिता देवी, नूरजहां बेगम, मीरा कुवर, रेणु देवी, जया कुमारी, पिंकी देवी, सुनीता देवी, फुलबसो देवी, नाजो खातुन, सुमित्रा देवी सहित अन्य थे। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता बिनोद कुमार सिंह, श्यामनरायन सिंह, बिंदेश्वर सिंह उपस्थित थे।

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