रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया ASI तो बोला- बेटी की शादी है छोड़ दीजिए!

दानापुर.
विजिलेंस की टीम ने गुरुवार को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते दानापुर थाने के सहायक अवर निरीक्षक सीताराम यादव को गिरफ्तार कर लिया. विजिलेंस की टीम ने यह कार्रवाई जमीन विवाद के निपटारे को लेकर शिकायतकर्ता से रुपये की मांग किए जाने के बाद की थी. बताया जा रहा है कि कि शिकायतकर्ता ने सही का साथ देने के लिए दरोगा द्वारा रुपये की मांग करने पर विजिलेंस की टीम से इसकी शिकायत की थी. दानापुर के दरोगा सीताराम ने शिकायतकर्ता को बुधवार को भी रुपये देने के लिए बुलाया था. टीम ने उसकी बुधवार को रिकॉर्डिंग की थी, उसके बाद गुरुवार को फिर दरोगा ने शिकायतकर्ता को पैसे देने के लिए बुलाया था और उसी समय निगरानी की टीम ने उसे रंगे हाथ रुपये के साथ गिरफ्तार कर लिया और फिलहाल पूछताछ कर रही है. गिरफ्तार सीताराम ने विजिलेंस टीम से यह कहकर छोड़ देने की विनती करने लगे कि कुछ महीने बाद उनकी पुत्री की शादी होने वाली है और दो साल के बाद वे रिटायर भी होने वाले हैं.

मिली जानकारी के अनुसार, जहानाबाद के शकुराबाद मीरगंज निवासी मुकेन्दर कुमार ने निगरानी ब्यूरो के पास शिकायत दर्ज की थी कि एक जमीन मामले में एकपक्षीय रिपोर्ट देने के लिए सहायक अवर निरीक्षक ने एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी है. इस जमीन के संबंध में दानापुर के किसी व्यक्ति ने दावा करते हुए दानापुर अनुमंडल पदाधिकारी के पास आवेदन दिया था. अनुमंडलाधिकारी ने इस जमीन के संबंध में दानापुर थाना प्रभारी से रिपोर्ट मांगी थी. थाना प्रभारी ने इस मामले की जांच का जिम्मा सहायक अवर निरीक्षक सीताराम यादव को दी थी.

आरोप है कि सहायक अवर निरीक्षक ने रिपोर्ट देने के लिए एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी. परिवादी मुकेन्दर कुमार ने पहली किस्त के रूप में 30 हजार रुपये देने का करार किया था. निगरानी ब्यूरो के डीएसपी सर्वेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एक धावा दल का गठन किया गया और इस दल ने दानापुर थाने के निकट बड़ी मछली बाजार में 30 हजार रिश्वत लेते सहायक अवर निरीक्षक सीताराम यादव को पकड़ लिया. गिरफ्तार सीताराम ने धावा दल से यह कहकर छोड़ देने की विनती करने लगे कि कुछ महीने बाद उनकी पुत्री की शादी होने वाली है और दो साल के बाद वे रिटायर भी होने वाले हैं.

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