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बिहार पुलिस की यह कैसी कार्यशैली? महिला को 4 दिनों तक थाने में रखा, कस्टडी में मौत के बाद साध ली चुप्पी

बिहार पुलिस की यह कैसी कार्यशैली? महिला को 4 दिनों तक थाने में रखा, कस्टडी में मौत के बाद साध ली चुप्पी


आराः
भोजपुर के पीरो थाना परिसर में दूसरी मंजिल पर स्थित बाथरूम से रविवार की सुबह एक महिला का फंदे से लटका हुआ शव मिला. हैरानी की बात है कि जिस महिला का शव मिला है उसे पुलिस चार दिनों से थाने में ही रखी हुई थी. पूछताछ के नाम पर उसे थाने लेकर आई थी. महिला पीरो थाना क्षेत्र के मोथी गांव निवासी मुन्ना प्रसाद की 50 वर्षीय पत्नी शोभा देवी है. अब इस मामले में कोई वरीय अधिकारी बोलने के लिए तैयार नहीं है. घटना के बाद पीरो थाने के बाहर काफी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई. इसके बाद मजिस्ट्रेट की निगरानी में बोर्ड गठित कर पुलिस ने शव का सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया.

जानकारी के अनुसार, पीरो थाना क्षेत्र के मोथी गांव निवासी सह ग्रामीण चिकित्सक मंतोष कुमार 29 अगस्त से लापता चल रहे थे. एक सितंबर की शाम मोथी गांव से ही एक बंद घर से उनका शव बरामद किया गया था. इसके बाद मंतोष कुमार के भाई शेखर सुमन ने एक नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. उसी मामले में शक के आधार पर पुलिस शोभा देवी और उसके बेटे प्रकाश कुमार को आठ सितंबर तीज के दिन रात में गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए थाने ले आई थी.

इसके बाद रविवार की सुबह थाना परिसर में स्थित दो मंजिले पर महिला आवास के बाथरूम में फंदे से लटका महिला का शव मिला. इस मामले में महिला के भाई मुन्ना प्रसाद ने पुलिस कस्टडी में मारपीट करने के कारण में मौत होने का आरोप लगाया है. बताया कि आठ सितंबर को उसकी बहन और भांजे को गिरफ्तार कर पुलिस थाने ले गई थी. इसके बाद पुलिस ने परिजनों को मिलने भी नहीं दिया.

आधा दर्जन थाने की पुलिस कर रही कैंप

बताया जाता है कि महिला को चार दिनों से महिला सिपाही की निगरानी में रखकर उससे पूछताछ की जा रही थी. हालांकि पुलिस मारपीट करने की बात से साफ इनकार कर रही है. पीरो डीएसपी ने बताया कि महिला रविवार की सुबह शौच के लिए बाथरूम गई थी जहां उसने गले में गमछा बांधकर खुदकुशी कर ली. घटना के बाद आधा दर्जन थाना की पुलिस कैंप कर रही है.

घटना के बाद महिला के घर में कोहराम मच गया है. इधर महिला के बेटे प्रकाश का कहना है कि उसे और उसकी मां को अलग-अलग जगह रखा गया था. पूछताछ के दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई. वहीं, दूसरी ओर पुलिस इसे फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बात कह रही है. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा.

1 Response to "बिहार पुलिस की यह कैसी कार्यशैली? महिला को 4 दिनों तक थाने में रखा, कस्टडी में मौत के बाद साध ली चुप्पी"

  1. उस थाना के प्रभारी को बरखास्त करो ये कोन सा कानून में है कि सिर्फ सक के आधार पर किसी महिला को चार दिन तक थाना में रखना

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