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शहादत को सलाम: प्रथम शहादत दिवस पर याद किए गए शहीद चंदन

शहादत को सलाम: प्रथम शहादत दिवस पर याद किए गए शहीद चंदन

सूबेदार मेजर ने क्रांतिकारी गाना प्रस्तुत कर देशभक्ति का भरा जोश

वृक्षारोपण व पुष्पांजलि सभा का हुआ आयोजन

विधायक और पूर्व विधायक समेत कई जनप्रतिनिधि हुए शामिल

रिपोर्ट: सूरज कुमार राठी


जगदीशपुर (भोजपुर)। शहीद की मजारों पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशा होगा। कवि के द्वारा लिखी गई यह पंक्ति आज सार्थक हो रही है लेकिन एक मलाल आज यह है कि देश के लिए प्राणों को न्यौछावर करने वाले वीर जवान को आज शहादत के एक वर्ष बाद भी एक अदद स्मारक नशीब नहीं हो सका है। जी हां, हम बात कर रहे हैं गत वर्ष चीनी सैनिकों के साथ गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए भोजपुर जिले के जगदीशपुर प्रखण्ड अंतर्गत कौरा पंचायत के ज्ञानपुरा निवासी देश के लाल वीर चंदन कुमार यादव की। बुधवार को शहीद के पैतृक गांव में शहीद स्मारक के समीप शहादत दिवस मनाया गया। बता दें कि शहादत दिवस के मौके पर सबसे पहले आचार्य बुटन पांडे व विमलेश पांडे की ओर से स्मारक स्थल पर मंत्रोच्चारण के साथ पूजा की गई। इसके पश्चात शहीद चंदन  के चित्र पर माल्यार्पण व श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शहीद चंदन यादव के सम्मान में सूबेदार मेजर एसएन सिह ने क्रांतिकारी गाना प्रस्तुत कर देशभक्ति का जोश भर दिया। मौके पर शहीद चंदन अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा, शहीद चंदन तेरा नाम रहेगा, भारत माता की जय व वंदे मातरम के नारे गूंजता रहा। 


स्थानीय विधायक राम विशुन सिंह उर्फ लोहिया ने शहीद की तस्वीर पर माल्यार्पण कर नमन किया। इस दौरान शहीद के सम्मान में वृक्षारोपण किया गया।  वही, जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह संगठन प्रभारी बिहार भाई दिनेश ने शहीद चंदन यादव को पुष्प अर्पित कर संबोधित करते हुए कहा कि हमें शहीद चंदन यादव पर गर्व है। मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद होकर घर, परिवार, गांव, समाज और देश का नाम रौशन किया है। इसलिए उनकी याद में पैतृक गांव को पूर्ण रूप से विकसित कर आदर्श ग्राम बनाया जाये। जन सहयोग से दूसरे शहादत दिवस के पहले तोरण द्वार का निर्माण करने के लिए दस सदस्यीय कमिटी बनाने की बात रखी गयी। गांव में मध्य विद्यालय ज्ञानपुरा का नामकारण शहीद चंदन यादव अब तक नहीं होने पर दु:ख जताया। सरकार कौरा मठिया-ज्ञानपुरा पथ का नामकरण शहीद चन्दन यादव पथ जल्द करे। उन्होंने कहा कि पार्थिव शरीर आने पर खेल मैदान की चहारदीवारी दिलवाने, गेट बनाने और मन्दिर निर्माण कराने के लिए आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक नहीं होने पर आक्रोश व्यक्त किया गया। इस मौके पर शहीद के बड़े भाई नायक सूबेदार देवकुमार, राणा प्रताप सिह, कर्नल एसएन ठाकुर, सूबेदार मेजर एसएन सिह, सूबेदार मेजर जेपी सिह, सब सूबेदार जेके राय, दीपू सिह, हवलदार वीरेंद्र कुमार, हवलदार यशपाल सिंह, पूर्व जिला पार्षद सुरेश पहलवान, वीरेंद्र सिह, युवा नेता श्यामबाबू सिह, पूर्व पंचायत समिति सदस्य विदेशी सिह, राजद नेता सत्यनारायण सिंह, हरेराम सिंह, उमेश सिह, सुभास यादव, बीरबल पासवान, उपेंद्र सिह, मुन्ना सिह, उपेंद्र सिह, हरेंद्र सिह सहित अन्य थे।

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