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भारतीय संविधान निर्माता एवं समाज सुधारक डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर शोषितो ,पीड़ितों ,दलितों ,पिड़ों एवं वंचितों के आवाज थे।

भारतीय संविधान निर्माता एवं समाज सुधारक डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर शोषितो ,पीड़ितों ,दलितों ,पिड़ों एवं वंचितों के आवाज थे।

अरवल (रंजन कुमार)
ज़िला मुख्यालय में समाजिक समानता एवं ज्ञान के प्रतीक भारत रत्न संविधान निर्माता डॉक्टर भीम राव अम्बेडकर की 64 वीं पुण्यतिथि समारोह परिनिर्वाण दिवस में उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर धूमधाम से मनाई गई । पुण्यतिथि समारोह की अध्यक्षता बहुजन समाज  पार्टी के जिला अध्यक्ष मनोज सिंह यादव  ने किया । पुण्यतिथि समारोह को सम्बोधित करते हुए उन्होंने  कहा कि डॉक्टर अम्बेडकर शोषितो ,पीड़ितों ,दलितों , पिछड़ा एवं वंचितों के आवाज थे । उन्होंने  समाज के अंतिम ब्यक्ति के समाजिक समानता न्याय दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे ।उन्होंने ने अपना पूरा जीवन गरीबों ,दलितों पिछड़ों ,वंचितों एवं समाज के कमजोर वर्गों के समाजिक उत्थान एवं आर्थिक उत्थान के लिए संघर्ष करते रहे है । आगे मनोज सिंह यादव ने कहा कि डॉक्टर अम्बेडकर एक कुशल राजनीतिज्ञ ,विधिवेत्ता ,अर्थशास्त्री एवं लोकप्रिय समाज सुधारक थे ।उन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और समाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया ।उन्होंने किसान ,मजदूर ,छात्र ,नौजवान एवं महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया था । वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि ,न्यायमंत्री भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य के निर्माता थे । वे आज के ही दिन 6 दिसम्बर 1956 को अंतिम सांस ली थी ।आज पूरी दुनिया मे डॉक्टर अम्बेडकर की पुण्यतिथि समारोह परिनिर्वाण दिवस के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है ।

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