जीडी कॉलेज के रिटायर्ड भौतिक शास्त्र विभागाध्यक्ष गंगा बाबू ने दी कोरोना को मात

अमृत जीवन अस्पताल मे कोविड स्पेशल टीम ने 90 वर्षीय बुजुर्ग को मौत की दहलीज से लाया वापस

Today Desk: बेगूसराय- संतोष से शांति मिलती है. एवं शांति से चित्त स्थिर रहता है. तथा स्थिर चित्त ही आनंद का मार्ग प्रशस्त करता है. उक्त बातें अमृत जीवन अस्पताल बेगूसराय मे कोविड स्पेशल टीम प्रबंधन ने जीडी कॉलेज बेगूसराय से रिटायर्ड भौतिक शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर 90 वर्षीय गंगा बाबू को मौत की दहलीज से वापस लाने के उपरांत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कही. कोविड स्पेशल टीम में शामिल चिकित्सक ने कहा जब आप सकारात्मक योगदान खूद के लिए अथवा परिवार एवं समाज के लिए करते हैं तो संतोष की प्राप्ति होती है. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार बेगूसराय मे गुरूओं के गुरू गंगा बाबू जब बेहोशी की हालत मे अमृत जीवन अस्पताल पहुंचे. तो पता चला 25 वर्ष पहले ओपन हार्ट की सर्जरी भी हुई है. डायबिटीज, सांस लेने मे तकलीफ़, बुखार से ग्रसित तथा कोविड जांच में पॉजिटिव पाए जा चुके हैं. जो शहर के एक अच्छे अस्पताल से रेफर होकर अमृत जीवन अस्पताल में कोविड स्पेशल टीम के पास पहुंचे हैं. मामला हाईप्रोफाइल होने के नाते कोविड स्पेशल टीम प्रबंधन में शामिल फिजिसियन चिकित्सक ने  कंडिशन क्रिटिकल होने के नाते पटना या दरभंगा ले जाने का परामर्श दिया. परंतु प्रोफेसर साहब के शुभचिंतको ने कोविड से ग्रसित शहर के जाने माने चिकित्सक डॉ जावेद अख्तर के अमृत जीवन कोविड स्पेशल टीम की निगरानी में ठीक होने की बात कहते हुए यहीं इलाज करने का आग्रह करने लगे. परिजनों एवं शुभचिंतकों के द्वारा अमृत जीवन कोविड स्पेशल टीम के उपर आत्मविश्वास को देखते हुए इलाज करने का निर्णय लिया गया. तथा आईसीयू के डायरेक्टर डॉ कृष्ण कुमार, डॉ नील कमल एवं डॉ मनीष कुुुमार के आपसी तालमेल के उपरांत इलाज प्रारंभ किया गया. इलाज के दौरान अस्पताल प्रबंधन काफी दबाव महसूस कर रहा था. चुंकि स्थिति से अवगत होने के लिए प्रतिदिन दसों फोन कॉल नामचीन लोगों के आते रहते थे. इलाज के पाचवें दिन गंगा बाबू जब थोड़ा होश में आये तो कुछ आशा जगी एवं बेहद खुशी भी हुई. इस दौरान टीम मे शामिल फिजिसियन डॉ राहुल कुमार, डॉ फरहा, डॉ मुजफ्फर, डॉ स्वेता, डॉ संजीव ,डॉ इफ्तखार, डॉ जाकिर एवं सहयोगियों का योगदान सराहनीय रहा. चुंकि सब लोगों ने कड़ी मेहनत के साथ सभी निर्देशों का अक्षर सह पालन किया. इलाज शुरू होने के नौवें दिन प्रोफेसर साहब इतने ठीक हो गए की बात करने के साथ खुद से खाने लगे. और आज तो उन्होंने न्यूटन लॉ ऑफ़ मोशन की भी बात की. मौके पर उपस्थित प्रोफेसर गंगा बाबू के परिजनों एवं शुभचिंतकों ने अमृत जीवन कोविड स्पेशल टीम को तहे दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया. उन्हें हंसते बोलते डिस्चार्ज करते हुए बेहद संतोष की अनुभूति अस्पताल प्रबंधन महसूस कर रहा है.

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