बिस्मिल्लाह खान देश के एक अनमोल रत्न थे: संजय शुक्ला

पुण्यतिथि पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

● राष्ट्रीय धरोहर के रूप में विकसित करने की उठी मांग


जगदीशपुर/आरा। शुक्रवार को शहर के बस पड़ाव में भिखारी ठाकुर एकता मंच पर शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की पुण्यतिथि मनाई गई। सर्वप्रथम भिखारी ठाकुर एकता मंच पर भिकारी ठाकुर व मृदंग वादक बाबू ललन जी की प्रतिमा पर समाज सेवी ईं. संजय शुक्ला की अगुवाई में माल्यार्पण किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
                भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान के बैनर तले आयोजित खान साहब की पुण्यतिथि पर हाल ही में खान साहब कि बनारस के (हड़हा के सराय) इलाके में उनके पैतृक आवास को बिल्डर द्वारा तोड़े जाने की घटना पर आक्रोश व्यक्त किया गया। इस घटना पर समाजसेवी व भाजपा नेता इंजीनियर संजय शुक्ला ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बिस्मिल्लाह खान साहब हमारे देश के एक अनमोल रत्न थे।जिन्होंने अपने शहनाई वादक विश्वस्तरीय क्षमता से देश का नाम रौशन करने का काम किया है। इसलिए ये मेरा सौभाग्य है कि हमने भिखारी ठाकुर रंगमंच के सभी सदस्यों के साथ मिलकर विगत कुछ महिनों पहले आरा बस स्टैंड स्थित भिखारी ठाकुर शोध संस्थान मंच पर उस्ताद विस्मिल्लाह खाँ साहब के विश्व का पहला मुर्ती का अनावरण करने का पवित्र कार्य सम्पन्न किया व पुन: उनके पुण्यतिथि पर श्रद्धांजली अर्पीत करता हूँ।  शुक्ला ने कहा कि मै आज के तमाम युवाओं को ये संदेश देना चाहता हुं कि खाँ साहब आज भी हमारे दिलों में जीवित हैं और जैसे उन्होने अपनी शहनाई वादक प्रतिभा से विश्व भर मे एक अद्वितीय मिसाल कायम करने का काम किया है, वैसे ही हमारे दिलों मे भी उनके ही तरह एक ऐतिहासिक पुरुष बनने का जजबा हमेशा व जरुर होना चाहीए।   
                
पीएम सहित दो राज्य के मुख्यमंत्रियों के पास भेजा ज्ञापन

डॉ दिनेश सिन्हा व शोध संस्थान के संस्थापक नरेंद्र सिंह,शिव शंकर ठाकुर समृद्धि पार्क अतुल प्रकाश व डॉक्टर रहमान एवं अन्य ने साथ मिलकर एक स्वर में शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खाँ साहब के स्थल को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया। विचार व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि शहनाई को विश्व स्तर का दर्जा दिलाने वाले उस्ताद बिस्मिल्लाह खान को पद्मश्री भारत रत्न आदि से नवाजा गया है। शोध संस्थान के सदस्यों द्वारा अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार व साथ ही वाराणसी के जिलाधिकारी समेत तमाम लोगों को ज्ञापन भेजने का काम किया गया।

Post a Comment

0 Comments