जगदीशपुर कन्या प्लस टू विद्यालय में इंटरमीडिएट नामांकन फॉर्म में धांधली,छात्राओं से 100 रुपये का अतिरिक्त उगाही


जगदीशपुर।
भोजपुर के जगदीशपुर स्थित कन्या प्लस टू विद्यालय में इंटरमीडिएट का नामांकन फॉर्म में बड़े पैमाने पर धांधली बरती जा रही है। धांधली का आलम यह है कि ₹100 के अतिरिक्त उगाही की जा रही है। जिसमें ₹50 फॉर्म के नाम पर व  ₹50 अतिरिक्त एडमिशन में। जबकि, ऐसा कोई दिशा-निर्देश नहीं है।  

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना द्वारा जारी की गई विज्ञप्ति में क्रम संख्या 11 पर फॉर्म का पैसा नहीं लेने का स्पष्ट रूप में अंकित किया गया है। जबकि, छात्राओं से फॉर्म व एडमिशन में अतिरिक्त राशि लिया जा रहा है। कला संकाय के एससी एसटी विद्यार्थियों के लिए ₹465 एवं जेनरल श्रेणी के लिए ₹805 है। वही विज्ञान संकाय में एससी एसटी के लिए ₹685 एवं जेनरल श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए ₹1085 बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना द्वारा निर्धारित की गई है। लेकिन, यहां नियमों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है। यहां तक की विद्यालय के सूचना पट्ट पर भी अतिरिक्त शुल्क जोड़कर अंकित किया गया है। छात्राओं द्वारा अतिरिक्त पैसा लेने का आरोप विद्यालय के आदेशपाल हरेंद्र कुमार चौधरी पर लगाया गया है।वहीं विद्यार्थियों का कहना है कि पूर्व से ही स्कूल में इस तरह की मनमानी चलती आ रही है।

छात्र नेता विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री विवेक गुप्ता ने बताया कि इस मसले पर जब विद्यालय के प्रधानाध्यापिका पार्वती देवी के चेंबर में जाकर बात किया तो वे जवाब देने से परहेज कर रही थी। उन्होंने बताया कि इस मसले पर हमने प्रधानाध्यापिका से कहा कि यदि सही तरीके से नामांकन नहीं किया जाएगा व आगे शिकायत मिलता है तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ा हुआ है। लेकिन लॉकडाउन के कारण हम लोग अभी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन, विद्यार्थी परिषद इस मुद्दे को उठाएगा।


क्या कहती है प्रधानाध्यापिका?

इस बाबत जब प्रधानाध्यापिका से बात की गई तो, उनका कहना है कि जानकारी के अभाव में इस तरह की बात हो गई और सूचना पट्ट पर भी गलती से लिखा गया है। उन्होंने बताया कि जितने छात्राओं से अतिरिक्त पैसा लिया गया है। उनका वापस कर दिया जाएगा। अब देखना है कि क्या सही में प्रधानाध्यापिका अतिरिक्त लिए हुए पैसे को वापस करती हैं या फिर ऐसे ही मनमानी चलती रहेगी। एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि जब बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना के द्वारा मार्गदर्शिका व विज्ञप्ति में स्पष्ट रूप से दी गई है, जिसमें शुल्क कितना लेना है वह भी स्पष्ट है। तब विद्यालय की प्रधानाध्यापिका होकर उनको कैसे नही मालूम? बहरहाल अब देखने वाली बात होगी क्या इसी तरह से छात्रों से पैसा उगाही व अभिभावकों को परेशान किया जाएगा। ये तो आने वाला वक्त बताएगा।

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