बर्थ डे पर लालू ने लिखी भावुक चिट्ठी- मजबूर हूं, दूर हूं लेकिन तेजस्वी को आपके साथ की जरूरत है


पटना.
बिहार में चुनावी साल के दौरान वोटर्स के नाम चिट्ठी लिखने का दौर लगातार जारी है. इस कड़ी में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी अपने जन्मदिन के ठीक एक दिन बाद बिहार की जनता के नाम एक चिट्ठी लिखी है. लालू प्रसाद ने जन्मदिन पर मिले स्नेह और प्यार को भुनाते हुए इस चिट्ठी में उन सारी बातों का जिक्र किया है जो उनके वोटर्स को अपनी ओर खींच सकती है.

तबीयत साथ नहीं दे रहा फिर भी हौसला बुलंद है

लालू ने चिट्ठी में साफ तौर पर लिखा है कि उनकी तबीयत साथ नहीं दे रही, लेकिन फिर भी अन्याय मिटाने के लिए हौसला बुलंद है. बिहार की जनता के नाम लिखे खुले संदेश में लालू प्रसाद ने लिखा है, 'मैं जन्मदिन पर आपकी ढेर सारी बधाई पाकर अभिभूत हूं. वर्तमान परिस्थिति में आपकी एक-एक बातें मुझे और मेरे संघर्षों को संबल दे रहा है. तबीयत इतनी साथ नहीं दे रही, लेकिन हौसला तो अभी भी उतना ही है.'


रत्ती भर कम नहीं हुआ है जोश

लालू ने लिखा है कि मेरे अंदर अन्याय को मिटाने का जुनून अभी भी रत्ती भर कम नहीं हुआ है. पुराने दिनों को याद करते हुए पूर्व सीएम ने लिखा है कि आज भी मेरे शरीर में वही ऊर्जा है जिसे लेकर मैं अपने पैतृक गांव फुलवरिया से पटना के लिए चला था.

लालू ने आगे लिखा है, 'आज मेरे बिहार के लोग सदमे में हैं, दुख में हैं और वो सुविधाओं के अभाव में जी रहे हैं. इन सब से मैं काफी पीड़ा का अनुभव कर रहा हूं, लेकिन मैं हालात से मजबूर हूं, क्योंकि साजिश की बेड़ियों में जकड़ा हूं. मुझे अफसोस होता है कि जो आजाद हैं, वह सत्ता में बैठकर भी लाचार हैं.' लालू ने लोगों से अपील करते हुए कहा, 'आज हम मजबूर हैं आप सब से दूर हैं, लेकिन तेजस्वी यादव आपके साथ हैं, तेजस्वी को आपके साथ की जरूरत है.'

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