सब्जी बेचने वाले का बेटा बना जिला टॉपर, विद्यालय के शिक्षक सहित गांव के क्षेत्र में खुशी


मां ने कहा-बच्चों की पढ़ाई के लिए पाई-पाई खर्च कर दिया ताकि उसके सपने पूरे हो सके गोविंद कुमार ने मैट्रिक परीक्षा में 460 अंक लाकर जिलेे का मान बढ़ाया ।

बेगूसराय , कृष्णनंदन सिंह - बलिया: दूसरेेे प्रदेश में मजदूरी कर अपने बच्चों की पढ़ाई में पाई पाई खर्च करने वाले पिता उपेंद्र महतो एवं माता कर्म शीला देवी की आंखों में आज चमक है। हो भी क्यों न? उनका बेटा गोविंद कुमार मैट्रिक की परीक्षा में जिला टॉपर आया है। जब से उन्होंने यह खबर सुनी है पैर जमीन पर नहीं पड़ रहे। आसपास के लोग घर आकर बधाई दे रहे हैं। फोन की घंटी रह-रहकर बज उठती है। मां कर्म शीला देवी बार-बार बेटे को देखती हैं, जैसे वह खुली आंखों से अपने सपने को साकार होता देख रहीं हो। छात्र गोविंद कुमार बेगूसराय जिले के बलिया प्रखंड अंतर्गत भवानंदपुर पंचायत के शाहपुर दियारा के रहने वालेे हैं। जिनके पिता दूसरेेे प्रदेश में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करतेे हुए अपने बच्चों की पढ़ाई करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों की पढ़ाई के लिए पाई-पाई खर्च कर दिया ताकि उसके सपने पूरे हो सके।
बेटे के बारे में छात्र की मां कर्म शीला देवी कहते हैं उसके सपने को साकार करना ही मेरे जीवन का लक्ष्य है। 460 अंक लाकर जिले प्रखंड एवंं अपने गांव का मान बढ़ाते हुए उन्होंने 90% अंक प्राप्त किया है।हालांकि माता-पिता बेटे के रिजल्ट से काफी खुश हैं। वे कहते हैं कि बेटे ने परिवार के साथ-साथ जिले का नाम भी रौशन किया है।
उपेंद्र महतो बताते हैं कि उनका बेटा बचपन से मेधावी था। शिक्षकों से हमेशा तारीफ सुनने को मिलती थी। उसे शुरू से ही अच्छे नंबर मिलते थे। उम्मीद थी कि बेटा कुछ न कुछ जरूर बड़ा करेगा। पिता उपेंद्र महतो का कहना है कि किसी तरह मजदूरी करके बच्चों को पाला हूं। मां रानी देवी बताती हैं हमारे घर के हालात भले खराब रहे हों लेकिन बच्चों की पढ़ाई के लिए हमने पाई पाई खर्च कर दिया है ताकि उसके सपने साकार हो सकें। उन्होंने बताया कि बेटा अधिकारी बन जाएगा तो सारे दुख दूर हो जाएंगे। वे कहते हैं कि बेटा एक दिन अधिकारी बन जाएगा तो सारे दुख दूर हो जाएंगे। पूरे परिवार की चिंता दूर हो जाएगी। मां कहती हैं कि बेटे की पढ़ाई में पैसा बाधा न बने, इसके लिए उसके पापा कभी छुट्टी नहीं लेते। हर दिन काम करते हैं। ताकि बच्चों को कभी किसी चीज की कमी न हो। गोविंद की मां ने बताई की हमने काफी गरीबी से बच्चों को पाला है। लेकिन एक ही चाहत है कि बच्चों के सुनहरे भविष्य को देख सकूं।
छात्र गोविंद ने उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय मसुदनपुर के प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षक को धन्यवाद दिया है। छात्र ने बताया कि स्कूल का माहौल ही ऐसा है कि जिससे बच्चों में हमेशा पढ़ने का उत्साह बना रहता है।वहीं उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय मसुदनपुर के प्रधानाध्यापक मदन कुमार सिंह ने छात्र के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दी है।

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