श्रमिक ट्रेन में नहीं था पानी तो दवा नहीं खा पाया प्रवासी मजदूर, परिजनों के सामने तड़पकर हो गई मौत

भागलपुर : दूसरे प्रदेशों में काम करने वाले प्रवासी कामगारों का घर लौटने का सिलसिला लगातार जारी है. प्रतिदिन दिल्ली समेत दूसरे प्रदेशों से आ रहे ट्रेनों से लाखों को संख्या में प्रवासी कामगार लौट रहे हैं, लेकिन ट्रेन में व्याप्त अव्यवस्था और धीमी गति के कारण प्रवासी कामगारों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं. फलस्वरूप यात्रा के दौरान प्रवासी कामगारों को भोजन पानी के साथ लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण जान भी गंवानी भी पड़ रही है. गुजरात के वापी में सिक्यूरिटी गार्ड का काम करने वाले लालबाबू कामती की ट्रेन में मौत हो गयी. परिजनों के अनुसार पानी के अभाव में वे दवा नहीं खा पाए और और उनकी मौत हो गई.

मिली जानकारी केअनुसार मृतक लालबाबू कामती 23 मई को गुजरात के वापी स्टेशन से पत्नी और तीन बच्चियों के साथ भागलपुर के लिए चले थे. उन्हें दरभंगा जिला के जाले थानान्तर्गत राढ़ी गांव जाना था. मूल रूप से मृतक दरभंगा के इसी गांव का रहने वाला था. भागलपुर स्टेशन पर ट्रेन से उतरी मृतक की पत्नी कृष्णा देवी और उनकी बेटी अनुष्का कुमारी ने श्रमिक स्पेशल ट्रेन में व्याप्त कुव्यवस्था को मौत का जिम्मेवार करार दिया है.

परिवारवालों का कहना था कि गुजरात के वापी से चले श्रमिक स्पेशल ट्रेन में न तो बिजली थी और न पंखा और न ही पानी. इतना ही नहीं बाथरूम में भी पानी नहीं था जिसके कारण सफर के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मृतक की पत्नी ने कहा कि बीमार पति की दवाइयां मौजूद थीं, लेकिन पीने के लिए पानी का प्रबंध नहीं था जिसके कारण पति को दवाई नहीं खिला सकी और उनकी मौत हो गई.

बताया जा रहा है कि मृतक पहले से पैरालाइसिस से ग्रसित थे और उनकी मौत मुंगेर के अभयपुर स्टेशन के आसपास में हुई. भागलपुर में ट्रेन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर पहुंचने पर मौजूद अधिकारियों को ट्रेन में मौत होने की सूचना दी गयी. जिसके बाद निबंधन उपरांत शव को ट्रेन कोच से बाहर निकाला गया.

शव के बाहर निकलने के बाद प्लेटफॉर्म पर मौजूद चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के दल ने भौतिक तौर पर जांच की और मृत बताया. शव को तत्काल कब्जे में लेकर जांच के लिए मायागंज अस्पताल भेज दिया गया है. लेकिन जिस कदर प्रवासी कामगारों को लेकर आने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन में कुव्यवस्था की बात सामने आ रही है, वह चिंता का सबब जरूर है.

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