स्वयं सहायता समूह में शामिल महिलाओं का कर्ज माफ करने को लेकर धरना शुक्रवार को- बंदना सिंह


अमरदीप नारायण प्रसाद

समस्तीपुर : जीविका कार्यकर्ताओं को न्यूनतम मानदेय 15 हजार रू० दो- ऐपवा
  स्वयं सहायता समूह में शामिल तमाम महिलाओं का कर्ज़ लॉकडाउन संकट से उबरने के लिए सरकार से माफ करने एवं जीविका कार्यकर्ताओं को न्यूनतम मानदेय 15 हजार रू० करने की मांग को लेकर शुक्रवार को महिलाओं का एक दिवसीय धरना ताजपुर में दिया जाएगा. माले नेताओं के साथ कार्यक्रम की तैयारी हेतु एक बैठक के बाद इस आशय की जानकारी देते हुए ऐपवा जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जीविका कार्यकर्ताओं से सरकार विभिन्न प्रकार के काम लेती रहती है लेकिन उन्हें मानदेय के नाम पर लॉलीपॉप थमाया जा रहा है. यह सरकार की गलत नीति है. इसका हम पुरजोर विरोध करते हैं और महिला सशक्तिकरण की नारा देने वाली सरकार से मांग करते हैं कि जीविका कार्यकर्ताओं का न्यूनतम मानदेय 15 हजार रू० करे.


 श्रीमति सिंह ने कहा कि लॉकडाउन संकट के दौरान महिलाएं काफी परेशान हैं. उन्हें घर-बार चलाने में काफी दिक्कत होती रहती हैं. ऐसी स्थिति में स्वयं सहायता समूह में शामिल तमाम महिलाएं का कर्ज सरकार माफ करे अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि शुक्रवार ताजपुर समेत जिले के कई प्रखडों में लाकडाउन का पालन करते हुए जीविका कार्यकर्ताओं, महिलाओं के कदम को मजबूत करने के लिए ऐपवा साथ मिलकर धरना देगी. उन्होंने जीविका दीदियों, समूह की महिलाएं एवं आमजनों से इस कार्यक्रम में सहयोग देकर सफल बनाने की अपील की.

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