क्वॉरेंटाइन सेंटर में बरती जा रही घोर लापरवाही।स्थानीय वासियो को सताने लगा कोरोना संक्रमण का डर।

मोतिहारी/ सिकरहना: [अब्दुस्समद]। ढाका में प्रखंड स्तरीय पांच क्वॉरेंटाइन केंद्र बने हैं,फिर भी दूसरे प्रदेशों से आ रहे प्रवासी मजदूरों को खुद को को क्वॉरेंटाइन करने हेतु दर-दर भटकना फिर रहा है।

दरअसल मामला यह है कि आज सुबह गुजरात से 6 प्रवासी मजदूरों का ढाका आगमन हुआ रेफरल अस्पताल में जांच उपरांत उन्हें बिसरहिया क्वॉरेंटाइन केंद्र पर जाने को कहा गया।अस्पताल से ही सवारी के सुविधा नही होने पर प्रवासी मजदूर झूमते झामते, पान गुटखा खाते हुए ढाका के मुख्य मार्केट के भीड़-भाड़ से होते हुए बिसरहिया मिडिल स्कूल क्वॉरेंटाइन केंद्र पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि यहां जगह रिक्त नही है,
आप खैरवा हाई स्कूल में बने क्वॉरेंटाइन केंद्र पर चले जाएं।दिलचस्प बात तो यह है गुजरात से आए इन प्रवासी मजदूरों की संख्या 6 थी किंतु अस्पताल से क्वॉरेंटाइन स्थल पहुंचते-पहुंचते-पहुंचते 5 हो गए एक प्रवासी मजदूर को उनके किसी रिश्तेदार ने बुलाकर ले गया।
तो अब सवाल उठना लाजमी है कि क्या जिला प्रशासन द्वारा क्वॉरेंटाइन केंद्र को लेकर किए जा रहे दावे सिर्फ दावे तक ही सीमित है,जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है।क्या प्रखंड में बनाए गए क्वॉरेंटाइन केंद्र प्रवासी मजदूरों के लिए पर्याप्त नहीं है,क्या केंद्रों की संख्या और बढ़ानी चाहिए।

जिला प्रशासन द्वारा समय रहते इन पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया जाता है,
तो क्षेत्र में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने पर जिम्मेदारी किसकी होगी?
अगर स्थानीय वाशी खुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो ऐसे परिस्थितियों में उन्हें भी सजग और जागरूक होना होगा।

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