वित्‍त मंत्री ने पशुपालन क्षेत्र को 15000 करोड़ तो मत्‍स्‍य पालन क्षेत्र को दिए 20000 करोड़, जानिये खास बातें

नई दिल्‍ली. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन केंद्र सरकार की ओर से घोषित किए गए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के इस्‍तेमाल को लेकर जानकारी दी. प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में उन्‍होंने शुक्रवार को किसानों, कृषि क्षेत्र, डेयरी क्षेत्र, मत्‍स्‍य पालन, पशुपालन समेत इससे जुड़े सेक्‍टर्स के लिए सौगात दी. प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में उनके साथ वित्‍त राज्‍य मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद रहे. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पशुपालन क्षेत्र के लिए 15000 करोड़ रुपये और मत्‍स्‍य पालन क्षेत्र के लिए 20000 करोड़ रुपये का ऐलान किया है. 


प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की बड़ी बातें...

कृषि ढांचे को मजबूती के लिए 1 लाख करोड़ 
> देश में छोटे और मंझोले किसानों के पास 85 फीसदी खेती है. हम कृषि क्षेत्र के लिए 11 कदम उठाएंगे.

> लॉकडाउन में न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य देने के लिए 74300 करोड़ रुपये के कृषि उत्‍पाद खरीदे गए.

> पीएम किसान फंड के तहत 18700 करोड़ रुपये किसानों को दिए गए.

> 2 महीनों में 6400 करोड़ रुपये के फसल बीमा क्‍लेम किसानों को भुगतान किया गया. 

> 1 लाख करोड़ रुपये के एग्री इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर फंड का ऐलान. इससे कृषि ढांचे को मजबूती मिलेगी. इससे किसानों को उत्‍पादन से लेकर इन्‍य कामों में मदद मिलेगी.

> एक कानून बनाया जाएगा जिसके तहत किसान अंतरराज्‍यीय व्‍यापार कर सकेंगे. आकर्षित मूल्‍य पर फस बिक्री के लिए विकल्‍प पा सकेंगे. ई- ट्रेडिंग भी कर सकेंगे.

मत्‍स्‍य क्षेत्र में 55 लाख रोजगार

> पीएम मत्‍स्‍य संपदा योजना के तहत 20 हजार करोड़ रुपये आवंटित. इसमें से 9 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए होगा. मत्‍स्‍य क्षेत्र में इस योजना के माध्‍यम से 55 लाख रोजगार उत्‍पन्‍न होने की उम्‍मीद है. इसमें 1 लाख करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्‍य है.




> अगले पांच साल में 70 लाख टन मत्‍स्‍य क्षेत्र में उत्‍पादन का लक्ष्‍य. मछुआरों और नावों का बीमा कराया जाएगा.

मवेशियों को टीकाकरण

>  53 करोड़ मवेशियों (गाय, भैंस, बकरी, सूअर आदि) के 100 फीसदी टीकाकरण का लक्ष्‍य है. इसमें 13,343 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

> पशुपालन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 15000 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है. इसका लाभ किसानों को भी मिलेगा.

> लॉकडाउन के दौरान दूध की मांग 20-25 फीसद घटी. 560 लाख लीटर की रोजाना खरीद की गई. नई स्‍कीम के तहत डेयरी कोऑपरेटिव्‍स को वर्ष 2020-2021 के लिए ब्‍याज में 2 फीसदी प्रति वर्ष की छूट दी गई.

अन्‍य बड़ी घोषणाएं 

> देश-दुनिया में बढ़ रही हर्बल और औषधीय गुण वाले पौधों की मांग को देखते हुए हर्बल खेती के लिए 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान. अगले दो साल में 10 लाख हेक्‍टेयर एरिया को कवर करने की योजना.

> मधुमक्‍खी पालन सेक्‍टर के बुनियादी ढांचा क्षेत्र को सशक्‍त करने के लिए 500 करोड़ रुपये की स्‍कीम लाई जा रही है. इससे 2 लाख मधुमक्‍खी पालकों को फायदा होगा, उनकी इनकम बढ़ेगी.

> ऑपरेशन ग्रीन्‍स को टमाटर, आलू और प्‍याज से बढ़ाकर सभी फलों और सब्जियों तक किया जा रहा है. इसमें 500 करोड़ रुपये का प्रावधान.

> सूक्ष्‍म खाद्य उपक्रमों (Micro Food Enterprises) के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के फंड का ऐलान. इसमें स्‍थानीय खाद्य उत्‍पादों को ध्‍यान में रखा जाएगा.

> किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र में निवेश के लिए सरकार 1955 के essential commodities act में संशोधन करेगी.

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