सेहतमंद महिलाएं की तुलना में गर्भवती महिलाओं को कोरोना वायरस अधिक प्रभावित नहीं कर रहा है।



अमरदीप नारायण प्रसाद

कोरोना वायरस के खतरे के बीच सभी अपनी-अपनी कोशिशों में लगकर इस बीमारी से लड़ रहे हैं। वैसे, तो कोरोना के चलते लॉकडाउन होने से सभी लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त है लेकिन इस बीमारी के खतरों की वजह से गर्भवती महिलाओं को एक्स्ट्रा केयर करने की सलाह दी जा रही है
उक्त बातें मार्क हॉस्पिटल चीनी मिल कैंपस समस्तीपुर के मुख्य चिकित्सक सह स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ अभिलाषा सिंह ने कही। आगे बताते है कि अगर आप गर्भावस्‍था में कोरोना के संपर्क में आ गई है तो आपको तेज बुखार और लगातार खांसी आने लगेगी। बाकी लोगों की तरह गर्भवती महिलाओं में भी कोरोना वायरस के एक जैसे ही लक्षण हैं।सेहतमंद महिलाएं की तुलना में गर्भवती महिलाओं को कोरोना वायरस अधिक प्रभावित नहीं कर रहा है। ऐसा माना जाता है कि अधिकतर महिलाओं में जुकाम या फ्लू के केवल हल्‍के या सामान्‍य लक्षण ही दिखते हैं। इस बात का कोई सबूत नहीं है कि जिन गर्भवती महिलाओं को यह संक्रमण होता है उनमें अन्‍य लोगों की तुलना में गंभीर लक्षण दिखने का खतरा अधिक होता है। आगे डॉ अभिलाषा सिंह बताती है कि कुछ बातों का ध्‍यान रखकर गर्भवती महिलाएं कोरोना वायरस के प्रकोप से खुद को और अपने शिशु को बचा सकती हैं।
नियमित रूप से हाथ धोएं। कुछ भी खाने या चेहरे को हाथ लगाने से पहले हाथ जरूर धोएं,
आपको या आसपास किसी अन्‍य व्‍यक्‍ति को छींक या खांसी आए तो टिश्‍यू का इस्‍तेमाल करें और इसके बाद हाथ जरूर धोएं।
कोरोना से ग्रस्‍त व्‍यक्‍ति के किसी भी तरह से संपर्क में न आएं।
हो सके तो घर से की काम करें।
भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें।
दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों से बात करने के लिए मिलने की बजाय फोन का इस्‍तेमाल करें।
अगर आपकी तीसरी तिमाही चल रही है तो आपको बिलकुल भी सार्वजनिक जगहों पर नहीं जाना चाहिए। लोगों से कम बात करें और पर्याप्‍त दूरी बनाकर रखें। संतुलित आहार ले।

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