स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- अगर लॉकडाउन नहीं होता देश में 15 अप्रैल तक कोरोना के 8 लाख बीस हजार मरीज होते

टी बी एन, सेन्ट्रल डेस्क: कोरोना वायरस पर शनिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय और ICMR की और से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई. गृह मंत्रालय की ओर से बताया गया कि लॉकडाउन का पालन सख्ती से हो रहा है. मछलीपालन उद्योग को गृह मंत्रालय ने रहात दी है. अब यह उद्योग शुरु हो जाएगा. लेकिन इसमें एक शर्त यह भी रखी गई है कि इन संस्थाओं के हेड सोशल डिस्टेंसिंग और हाईजीन का ध्यान रखेंगे. जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह इन नियमों का सख्ती से पालन कराए. गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आग्रह किया है कि डॉक्टरों को जरूरी सुरक्षा मुहैया कराएं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कोविड-19 वायरस के पहले दिन से ही हमने एक्शन लिया है. केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिल कर N-95 मास्क, PPE, वेंटिलेटर टेस्टिंग किट और दवाइयां उपलब्ध करा रही है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 642 लोग इलाज के बाद ठीक हो गए हैं. पिछले 24 घंटे में 1013 नए मामले आए हैं. जिसके बाद देश में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या
7447 हो गई है. अब तक 239 मौत हो चुकी है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि एक एनालिसिस किया गया है जिसके मुताबिक अगर कोई लॉकडाउन न किया जाता तो जिस हिसाब से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ी है उसी दर से
करीब 15 अप्रैल तक देश भर में 8.2 लाख कोरोना के मरीज हो जाते. स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया कि यह कोई स्टडी नहीं है यह सिर्फ एनालिसिस किया गया है.

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