पानी बहाने के विवाद में महिला की हत्या, पड़ोसी ने की महिला की पीट-पीटकर हत्या


बेगूसराय: (हरेराम दास)। रविवार की सुबह थाना क्षेत्र के गोपालपुर पंचायत के रामपुर घाट गांव में बारिश का पानी बहाने के विवाद में गंभीर चोट लगने से एक 60 वर्षीय वृद्धा की मौत हो गई. जानकारी अनुसार उक्त घटना में रामवरण दास की पत्नी गुलाब देवी की मौत हुई है.वहीं उक्त मारपीट की घटना में हताहत महिला के पुत्र विनोद दास, पुत्रवधू अमेरिका देवी, पोता गुड्डू कुमार तथा विकलांग पुत्र दीपक कुमार के भी चोटिल होने की खबर है. बताया जाता है मृतिका अपने घर आगे बारिश के कारण जल जमाव हुए पानी को बहा रही थी.तभी पड़ोसी दुक्खी सहनी की पत्नी कलावती देवी व उसके पुत्र कुंदन सहनी एवं चंदन सहनी, धर्मेंद्र चौधरी सहित अन्य पड़ोसियों के द्वारा कहासुनी हो गई.जो धीरे धीरे मारपीट में बदल गई.इस दौरान चले ईंट पत्थर से गुलाब देवी की मौत हो गई.घटना की सूचना मिलते ही मंझौल सर्किल इंस्पेक्टर विभा कुमारी के नेतृत्व मे थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंच शव को कब्जे मे ले लिया. साथ ही घटना के बाबत वस्तु स्थिति का जायजा लिया.वहीं घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने रामपुर घाट पुल सड़क पर मृतिका का शव रखकर यातायात व्यवस्था को बाधित कर दिया.इस दौरान आक्रोशित ग्रामीण परिजनों को मुआवजा देने तथा दोषियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अडिग दिखे. हालांकि इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ साथ समाज के बुद्धिजीवियों द्वारा आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने बुझाने का प्रयास जारी था.परंतु आक्रोशित ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे.

हत्या के बाद परिजनों में मचा कोहराम

 मामूली विवाद में हुई हत्या की घटना बाद परिजनों में कोहराम मच गया.पीड़ीत परिवार के सदस्यों ने सोचा भी नहीं था कि कहासुनी मारपीट में बदल कर हत्या तक की नौबत पहुंच जाएगी.बताया जाता है पीड़ित पक्ष कमजोर होने के कारण गाली गलौज पर उतारू हो गए. जिसके फलस्वरूप धीरे धीरे तनाव बढ़ा.तथा गाली गलौज से आक्रोशित दोषियों के द्वारा ईंट पत्थर चलाना शुरू कर दिया गया.उसी में से एक ईंट वृद्धा को छाती में आकर लगी.जिसके दर्द से बिलबिला कर वृद्धा घटना स्थल पर ही बेसुध होकर गिर गई.लोग कुछ समझ पाते तबतक उसकी मौत हो गई.

विकलांग पुत्र के समक्ष गहराया संकट

  प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि वृद्धा का एक पुत्र जख्मी दीपक कुमार दोनों पैर से विकलांग है.बावजुद इसके दोषियों ने विकलांग को भी नहीं बख्शा.उसके साथ भी मारपीट कर जख्मी कर दिया.जबकि उक्त विकलांग के समक्ष मां की मौत के उपरांत अपने जीवन को आगे बढ़ाने की भी चुनौती उत्पन्न हो गई है.लोगों ने बताया विकलांग दीपक की देखभाल माता के द्वारा ही किया जा रहा था.मां की मौत के बाद उक्त विकलांग बिल्कुल बेसहारा हो गया है.वहीं विकलांग के साथ साथ परिजनों के चित्कार से मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था.समाज के बुद्धिजीवी ढांढ़स बनाने में लगे थे.परंतु विकलांग के बेवसी पर हर किसी के चेहरे पर मायूसी साफ़ तौर से झलक रही थी.जबकि पुलिस प्रशासन लोगों को समझा बुझाकर सड़क जाम समाप्त कराते हुए शव को कब्जे में लेने के लिए प्रयासरत थे.परंतु समाचार प्रेषण तक पुलिस प्रशासन को शव उठाने में सफलता नहीं मिल पाई थी.

मामुली विवाद में घटना के बाद भीड़ के आगे बेवस दिखी पुलिस प्रशासन
 
 रामपुर घाट में हुई मामुली विवाद में 60 वर्षीय वृद्धा की मौत के बाद पुलिस प्रशासन के खिलाफ सवालिया निशान खड़ा होने लगा है. जबकि स्थानीय लोगों में घटना के बाद काफी आक्रोश देखा गया.आए दिन समाज में हो रहे छोटे मोटे विवाद में मारपीट एवं हत्या की घटना से समाजिक कार्यकर्ता स्तब्ध दिखे.लोगों का कहना था कि पुलिस प्रशासन की असंवेदनशीलता के कारण समाज में व्यमनस्ता बढ़ती जा रही है.जबकि मामुली विवाद में भी मारपीट तक की नौबत के साथ साथ लोग एक दूसरे के जान लेने पर उतारू हो जा रहे हैं. विवाद की सूचना मिलने के बाद भी थाना पुलिस को स्थल पर पहुंचने में घंटों समय लग जाता है. तबतक अनहोनी जैसी घटना घट जाती है.अगर समय से प्रशासन सजग हो जाए तो इस तरह की घटना पर जहां विराम लग सकता है.तथा पुलिस प्रशासन के प्रति लोगों में विश्वास भी कायम होगा.

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