फिर बढ़ चढ़ कर सांसद रूडी ने संसद में उठाया हरिहरक्षेत्र का मुद्दा, कहा सोनपुर के विकाश की अनदेखी नहीं करे सरकार

पनालाल कुमार की रिपोर्ट
छपरा (सारण) छपरा हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला में संसद ने उठाया मुधा पर्यटन के क्षेत्र में भारत और भारतीयों का योगदान अत्यंत प्राचीन काल से है। मेसोपोटामिया, रोम और मिस्र की प्राचीन सभ्यता का उल्लेख करते हुए सारण सांसद सह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री राजीव प्रताप रुडी ने आज लोकसभा में वर्ष 2020-21 के लिए पर्यटन मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों पर चर्चा और मतदान के दौरान केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र में सारण के सोनपुर मेला और प्राचीन हरिहर क्षेत्र मंदिर को भी जोड़ने की जोरदार वकालत की। सदन में मौजूद केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार ) श्री प्रहलाद सिंह पटेल का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उन्हें याद दिलाया कि सोनपुर से संबंधित पर्यटन सुविधाओं के विकास और राष्ट्रीय पर्यटन क्षेत्र के रूप में इस मान्यता दिलाने के लिए बिहार सरकार द्वारा दिये गये प्रस्ताव उनके विभाग में अबतक लंबित है। पीठासीन अध्यक्ष श्री भर्तुहरि महताब के माध्यम से श्री रुडी ने बिहार सहित देशभर में पर्यटन के क्षेत्र में कम विकास की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।  

श्री रुडी ने कहा कि पर्यटन का क्षेत्र सर्वाधिक रोजगार देने वाला और अर्थव्यवस्था को शानदार मजबूती प्रदान करता है। इस संदर्भ में कई आंकड़े प्रस्तुत करते हुए सारण सांसद ने कहा कि केवल भारतीय रेस्टोरंेट ही 18000 करोड़ से अधिक का राजस्व अदा करते हैं। उन्होंने सदन को आगाह किया कि यदि यह क्षेत्र सरकारी नियम कानून और सहयोग मिलने पर देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। 12 करोड़ की आबादी वाले बिहार में एक भी पांच सितारा होटल न होने का जिक्र करते हुए श्री रुडी ने बताया कि कुंभ की तरह ही हर वर्ष कार्तिक महीने में एक माह तक आयोजित होने वाला सोनपुर मेले में 40 से 45 लाख लोग आते है और करोड़ों का व्यवसाय होता है। ग्रामीण पृष्ठभूमि के बीच आधुनिकता के साथ इसे आगे बढ़ाने में राज्य सरकार ने तो भूमिका अदा की है, परन्तु राज्य सरकार द्वारा इसे राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र में उचित स्थान देने का जो प्रस्ताव ‘स्वदेश दर्शन’ योजना के तहत केंद्र को भेजा गया था उसपर अब तक अमल न होना दुःखद है। 

फूड टूरिज्म के संदर्भ में सांसद ने सदन के माध्यम से देशवासियों को बताया कि बिहार में कई ऐसे स्वादिष्ट व्यंजन है जो देश ही नहीं, दुनिया में दुर्लभ हैं। उन्होंने सारण के शीतलपुर का खुरचन और स्पंज रसगुल्ला, गया का तिलकुल, नालन्दा के सिलाव का खाजा, रून्नीसैदपुर की बालूशाही और भोजपुर क्षेत्र की प्रसिद्ध बेलग्रामी जैसी मिठाइयों के दुर्लभ स्वाद को भी प्रचारित-प्रसारित करने पर बल दिया जो भोज्य पर्यटन को आकर्षित करने में समर्थ हैं। दिल्ली के हुनर हाट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बिहार के स्टॉल पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लिट्टी-चोखा खाने का जिक्र करते हुए श्री रुडी ने कहा कि छठ के दौरान गाय के दूध और गुड़ से निर्मित लाजवाब खीर को भी याद किया और धार्मिक पर्यटन पर भी बल दिया। 

विदित हो कि श्री रुडी ने प्राचीन गं्रथों में वर्णित हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला में आधुनिक पर्यटन सुविधा के विकास के लिए 16वीं लोकसभा में भी तत्संबंधित प्रस्ताव सदन में रखा था। श्री रुडी की पहल पर बिहार सरकार ने एक विस्तृत प्रस्ताव बनाकर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को सौंपा था और तत्कालीन पर्यटन मंत्री ने अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया भी दी थी। इसी बात की याद दिलाते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री रुडी ने पर्यटन मंत्री से फिर मांग की कि वे सोनपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यवसायिक छवि को और निखारने के लिए दिये गये प्रस्ताव को शीघ्र मंजूरी प्रदान करें।

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