लॉकडाउन से घबरा घर जाने निकली किशोरी के साथ 10 लड़कों ने किया गैंग रेप

रांची: कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मंगलवार को लगाए गए लॉकडाउन  के बीच कई ऐसी खबरें आ रही हैं, जो बतौर समाज हम पर गंभीर सवालिया निशान खड़ी करती हैं. ऊंची कीमतों पर खाद्य पदार्थों की बिक्री के अलावा संवेदनहीन समाज (Society) की क्रूरता दिखाती यह खबर झारखंड से आ रही है. जहां लॉकडाउन की वजह से अपने घर पहुंचने को आतुर 16 साल की किशोरी निकली थी. रास्ते में एक दोस्त से लिफ्ट मांगी. इसके बाद 10 लड़कों ने लड़की से बारी-बारी सामूहिक बलात्कार (Gang Rape) किया. गैंग-रेप करने के बाद हैवानों ने लड़की को सड़क किनारे फेंक दिया. लड़की सारी रात बेहोश पड़ी रही और अगली सुबह रेंगते-रेंगते सड़क तक पहुंची. जहां से उसे अस्पताल पहुंचाया गया.


दोस्त से घर जाने के लिए मांगी मदद
प्राप्त जानकारी के मुताबिक किशोरी गोपीकांदर प्रखंड क्षेत्र की रहने वाली है और दुमका शहर के शिवपहाड़ में किराए के मकान में रहकर एसपी कॉलेज से इंटर कर रही है. लॉकडाउन के कारण कॉलेज बंद हो गया था. वाहन भी नहीं चल रहे थे. ऐसे में वह 24 मार्च को अपनी एक सहेली के साथ स्कूटी से निकली. सहेली उसे गोपीकांदर के कारूडीह मोड़ के पास छोड़कर अपने घर पाकुड़ जिला की ओर चली गई. पुलिस को दिए बयान में किशोरी ने बताया कि कारूडीह पहुंचने से पहले उसने अपने परिजनों को फोन किया था. शाम होने के बाद भी परिजन नहीं पहुंचे तो अपने एक दोस्त विक्की उर्फ प्रसन्नजीत हांसदा को फोन किया. युवक गोपीकांदर प्रखंड के दड़ंगखरौनी का रहने वाला है. वह बाइक लेकर तुरंत कारूडीह मोड़ पहुंच गया. युवक एक दोस्त को भी लेकर पहुंचा था. तीनों एक बाइक से निकले. इस बीच विक्की ने घर जाने के रास्ते की बजाय दूसरे कच्चे रास्ते को पकड़ लिया.



बाइक पर लेकर चले दोस्त ने बदला रास्ता
रास्ता बदलते देख किशोरी ने जब विक्की से कहा कि यह घर जाने का रास्ता नहीं है, तो उसने कहा कि रास्ते पर चेकिंग चल रही है इसलिए कच्चे रास्ते से होकर घर जा रहे हैं. कुछ दूरी पर जाकर विक्की ने सुनसान जंगल के पास बाइक को रोक दिया और कहा कि उसे शौच लगी है. किशोरी उसके अज्ञात दोस्त के साथ काफी देर तक सुनसान जंगल में खड़ी रही. इसी बीच विक्की पहुंचा और अपने दोस्त के साथ मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया. दुष्कर्म करने के बाद आठ युवक नकाब पहने पहुंचे और जान से मार देने की धमकी देते हुए गले पर चाकू लगा दिया. इसके बाद सभी युवकों ने किशोरी से बारी-बारी गैंगरेप किया.

रातभर जंगल में बेहोश पड़ी रही किशोरी
सामूहिक दुष्कर्म के दौरान छात्रा बेहोश हो गई. दूसरे दिन 25 मार्च की सुबह वह जंगल से किसी तरह से रेंगते हुए सड़क पर आई, तो ग्रामीणों ने देखकर परिजनों को सूचित किया. मौके पर मां-पिता एवं भाई आए और उसे उठाकर घर लेकर चले गए. भाई ने गोपीकांदर थाना की पुलिस को सूचित किया. गोपीकांदर थाना की पुलिस ने किशोरी को दुमका के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया. एसपी दुमका, वाईएस रमेश का कहना है कि छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना हुई है. आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है. अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. रामगढ़ सामूहिक दुष्कर्म कांड की तर्ज पर इस मामले की भी जांच का निर्देश दिया गया है.

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