छपरा सदर अस्पताल में 6.5 लाख रूपये की लागत से बनेगा मॉडल टीकाकरण केंद्र

SARAN: (पनालाल कुमार) अब जिले के शहरी आबादी को टीकाकरण की बेहतर सुविधा मुहैया करायी जाएगी. इसके लिए सदर अस्पताल में मॉडल टीकाकरण केंद्र का निर्माण किया जाएगा. नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में गुणवत्तापूर्ण बढ़ोतरी के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में 6.5 लाख रूपये की लागत से मॉडल टीकाकरण केंद्र का निमार्ण किया जायेगा। टीकाकरण केंद्र का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। 

अत्याधुनिक सुविधाओं से होगा लैस:
सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने बताया कि मॉडल टीकाकरण केंद्र पर निजी टीकाकरण केन्द्रों की तुलना में बेहतर वातावरण एवं सुविधा उपलब्ध कराया जायेगा। मॉडल टीकाकरण केन्द्र को लाभार्थियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए एक आदर्श टीकाकारण केंद्र के तौर पर विकसित किया जायेगा। इस वातानुकूलित केन्द्र को चाइल्ड फ्रेंडली के रूप में विकसित किया जाएगा. यहाँ लाभार्थियों के लिए प्रतीक्षा कक्ष के अलावा उनके मनोरंजन के लिए एलसीडी टीवी की भी व्यवस्था होगी। 

बच्चों के मंरोजन का भी रखा जाएगा ख्याल:
लोगों में टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के मकसद से मॉडल टीकाकरण केंद्र का निर्माण किया जा रहा है. इसलिए केंद्र में बच्चों के मनोरंजन का भी ख्याल रखा जाएगा. बच्चों को खेलने के लिए आवश्यक खिलौने केंद्र में रहेंगे। जो बच्चों के लिए मनोरंजक माहौल भी पैदा करेगा। वहीं दीवारों पर कई कार्टून कैरेक्टर बनाकर उनके मनोरंजन का ख्याल रखने का प्रयास किया गया है। इससे सरकारी केंद्रो में टीकाकरण कराने से परहेज करने वाले लोगों के रुझान में भी बढ़ोतरी होगी। मॉडल केंद्र पर स्वच्छ एवं बेहतर वातावरण में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। केंद्र पर बच्चों का टीकाकरण पूरी तरह निशुल्क किया जाएगा। 

वातानुकूलित माहौल में बच्चों का टीकाकरण: 
निजी स्वास्थ्य केन्द्रों की तर्ज पर इस मॉडल टीकाकरण को विकसित किया जा रहा है. इसके लिए केंद्र को वातानुकूलित बनाया जा रहा है. केंद्र में बेहतर साफ़-सफ़ाई एवं  लाभार्थियों के लिए प्रतीक्षा कक्ष भी निर्मित किये जा रहे हैं. इससे आस-पास के लोग भी धीरे-धीरे इस केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं को देखते हुए यहाँ पर बच्चों को टीका लगवाने आने लगेंगे।

प्रतिदिन 250 से 300 बच्चे व महिलाओं को लगता है टीका:
हेल्थ मैनेजर राजेश्वर प्रसाद ने बताया कि सदर अस्पताल में प्रतिदिन 250 से 300 बच्चे व महिलाओ को टीका लगाया जाता है। इस मॉडल टीकाकरण केंद्र के बन जाने से टीकाकरण के लक्ष्य में बढ़ोतरी होगी। उन्होने कहा कि समय-समय पर टीकाकरण केंद्र का अधिकारियों के द्वारा जांच भी किया जायेगा। 

ये होंगी सुविधाएं:
एसी एवं पंखा
एलईडी लाइट्स
एलसीडी टीवी
12 तरह के टीका
बैठने की प्रयाप्त व्यवस्था
बच्चों को सुलाने की व्यवस्था
आरओ का पानी
आकर्षित वाल पेंटिंग
 
यह जानना जरूरी कि कौन सा टीका कब लगेगा:

बीसीजी:जन्म के समय
हेपेटाइटिस बी: जन्म के समय
ओपीवी: 6,10, 14 सप्ताह पर
डीपीटी: 6,10, 14 सप्ताह पर
हेपेटाइटिस बी: 6 सप्ताह, 10 सप्ताह 14 सप्ताह पर
खसरा विटामिन ए: 9 माह पर
डीपीटी बूस्टर: 16 से 24 माह पर
खसरा (दूसरी खुराक):16 से 24 माह पर
ओपीवी बूस्टर: 16 से 24 माह पर
जापानी एंसीफेलाइटिस:16 से 24 माह पर
विटामिन ए:16 माह, इसके बाद हर छह माह के अंतराल से 5 वर्ष तक एक खुराक
डीपीटी बूस्टर: 5 से 6 वर्ष
टीटी: 10 16 वर्ष (नोट: अब डीपीटी हेपेटाइिटस बी को मिलाकर एक ही टीका पेंटावेलेंट लगने लगा है।)

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