गुरु का काम शिष्यों के जीवन से अंधकार को दूर करना:अर्चना सिंह

रिपोर्ट तारकेश्वर प्रसाद

आरा।भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन जो कि शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता रहा है। इसके उपरांत भोजपुर के स्थानीय सम्भावना आवासीय उच्च विद्यालय शुभ नारायण नगर मझौवा में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय के कॉमन हॉल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह का उद्घाटन विद्यालय के निदेशक कुमार द्विजेंद्र, प्राचार्य डॉ अर्चना सिंह तथा सम्मानित अतिथि, वरिष्ठ शिक्षक डॉ कमलानंद सिंह ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया। तत्पश्चात डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के तैल चित्र पर निदेशक, प्रचार्य, अतिथि एवं विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ शिक्षक डॉ कमलानंद सिंह (सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा) को विद्यालय के निदेशक कुमार द्विजेंद्र और प्राचार्य डॉ अर्चना सिंह ने गुलदस्ता (बुके) और अंग वस्त्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने के उपरांत शिक्षक शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने गुरु और शिष्य परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु का काम शिष्यों के जीवन से अंधकार को दूर करना है। एक शिक्षक को इस प्रकार से अपने आप को तैयार करना चाहिए कि वह समाज की यातनाओं को सहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। इस अवसर पर उन्होंने सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को अपनी ओर से शुभकामनाएं दी। इसके उपरांत आगत अतिथियों का स्वागत तथा शिक्षक शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन एक शिक्षक के लिए प्रेरणा स्रोत होना चाहिए आज के परिवेश में शिक्षक कार्य अपने आप में एक बहुत बड़ी चुनौती है जो गुरु तो होता है परंतु उनका अंत नहीं होता। शिक्षक एक मूर्तिकार होता है. जो कच्ची मिट्टी से जीवन मूर्ति बनाता है उन्होंने कहा कि हमें अपने कर्तव्यों का निर्वहन अपने अंतरात्मा का आवाज सुनकर करना चाहिए इस अवसर पर शिक्षक शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक कुमार विजेंद्र ने कहा कि डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन सादगी के प्रतीक थे। उनके द्वारा किए गए कार्य शिक्षकों के लिए अनुकरणीय है। बच्चों के चरित्र निर्माण में एक शिक्षक की अहम भूमिका होती है। बच्चे चरित्रवान तभी बनेंगे जब शिक्षक का चरित्र उज्जवल हो क्योंकि शिक्षक बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत होते हैं उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ एक शिक्षक का व्यवहार पितृवत् व मातृवत् होना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को शुभकामनाएं और बधाई दी। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक सरोज कुमार और दीपेश कुमार ने भजन प्रस्तुति किया। मंच संचालन विद्यालय के प्राचार्य रविंद्र कुमार वर्मा ने किया। तथा धन्यवाद ज्ञापन वरीय शिक्षक मारकंडेय ओझा समारोह को सफल बनाने में विद्यालय के वरीय शिक्षक ऋषिकेश ओझा, विष्णु शंकर, शशि भूषण सिंह, चंदन कुमार उपाध्याय का अहम भूमिका रहा। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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