गंगा के जलस्तर में और वृद्धि हुई तो दियारा वासीयों को आवागमन में हो सकता है संकट

कृष्णनंदन सिंह : बलिया बेगूसराय

बेगूसराय: बलिया के दियारा इलाके में गंगा के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि से दियारा क्षेत्र के 4 पंचायतों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के जलमग्न हो जाने की आशंका मंडराने लगी है। जिसको लेकर आने वाले एक-दो दिनों में हजारों लोगों के आवागमन बाधित होने की संभावना प्रबल होती दिख रही है। लगातार हो रहे जलस्तर में वृद्धि से एक ओर जहां निचले क्षेत्रों में जल प्रवेश कर चुका है वहीं ग्रामीण इलाकों के नजदीक तक गंगा के पानी पहुंच जाने से लोगों की कठिनाइयों में भी उत्तरोत्तर वृद्धि होती जा रही है। विशेषकर पशुपालकों के लिए बाढ़ की समस्या और भी परेशान कर देने वाली है।



जिन पूर्ण बाढ प्रभावित चार पंचायत हैं उसमें ताजपुर, भवानंदपुर, पहाड़पुर एवं परमानंदपुर शामिल है। वहीं फतेहपुर एवं भगतपुर पंचायत के भी कुछ भाग बाढ प्रभावित क्षेत्र में आते हैं। जिसमें मधुसूदनपुर, शाहपुर, शिवनगर, गोखलेनगर बिष्णुपुर, नौरंगा, शादीपुर, असर्फा, कमालपुर, नगरगामा,मीरअलीपुर, हसनपुर, किशनपुर, लालदियारा सहित 1 दर्जन से अधिक गांवों के करीब 50 हजार की आबादी के सभी मुख्य सड़क के नजदीक गंगा का पानी पहुँच जाने के कारण मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित होने की संभावना प्रबल होती जा रही है। ऐसे में इन पंचायत वासियों को अनुमंडल एवं प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए एक मात्र सहारा नाव ही होगा। जिससे असुरक्षा की संभावना से क्षेत्र के लोग सहमे हुए हैं। नाव की कमी का दंश भी दियारा वासियों को झेलना पड़ता है।



जिसको लेकर क्षमता से अधिक नाव में सवार होने से अनहोनी घटना की आशंका बनी रहती है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि महज 1 फीट की ऊंचाई में गंगा का जलस्तर और बढा तो लखमिनियां-मधुसूदनपुर पथ प्रभावित होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। क्षेत्र के लोगों का मानना है अगर प्रशासन आवागमन के प्रति सचेत नहीं हुई तो क्षेत्र के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करने से इनकार नहीं किया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर किसानों का भी मानना है कि मुख्य सड़क के बाधित होने से जहां पशुओं को बाहर ले जाना चुनौतीपूर्ण तो होगा ही वही नियमित चारा खिलाने की भी समस्याओं से जूझना पड़ेगा।

 

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