राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज मधेपुरा में भव्य तरीके से मनाया गया टीचर्स डे

शिक्षा हमारे अंदर आत्मविश्वास जगाती है- डीसीएलआर ललित कुमार सिंह


छात्रों द्वारा दहेज प्रथा पर किया गया एकांकी तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम

ब्यूरो मधेपुरा : कुन्दन घोषईवाला
kundannabi97@gmail.com

अभिषेक उर्फ रोमी @ टुडे बिहार न्यूज, कलासन, चौसा

चौसा प्रखंड अंतर्गत कलासन में स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज मधेपुरा के शिक्षकों एवं छात्रों द्वारा भारत के दूसरे राष्ट्रपति और महान दार्शनिक डॉ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन के 130 वीं जन्मदिन के मौके पर केक काटकर शिक्षक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा दहेज प्रथा, नारी शिक्षा के महत्व आदि गंभीर विषयों पर भी विभिन्न मनमोहक एकांकी का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वाईस प्रिंसिपल विन्देश्वरी पारित के द्वारा केक काटकर किया गया। फिर कॉलेज की छात्रा रजनी प्रभा एवं काजल कुमारी के द्वारा स्वागतगान गाकर उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष सह वाईस प्रिंसिपल बी.पारित ने अपने संबोधन में डॉ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन चरित्र पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि, "दुनिया भर के 100 से ज्यादा देशों में यूनेस्को द्वारा निर्धारित तिथि के अनुसार 5 अक्टूबर को टीचर्स डे मनाया जाता है, जबकि हमलोग 40 वर्षों तक शिक्षण कार्य में भाग लेने वाले भारत रत्न डॉ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्मान में उनके जन्मदिन पर शिक्षक दिवस मनाते आ रहे हैं।"
मुख्य अतिथि सह डीसीएलआर उदाकिशुनगंज ललित कुमार सिंह ने उपस्थित छात्र-छात्राओं का मोटिवेशन करते हुए कहा कि,"शिक्षा हमारे जीवन में शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रुप से बेहतर जीवन जीने के अहसास को बढ़ावा देती है। अच्छी शिक्षा की प्रकृति हमेशा रचनात्मक होती है जो हमारे भविष्य का निर्माण करती है।" श्री सिंह ने जोर देकर कहा कि,"शिक्षा सफलता के साथ ही व्यक्तिगत विकास का भी एकल और महत्वपूर्ण मार्ग हैं जो हमारे अंदर आत्मविश्वास लेकर आती है।" संवाद कार्यक्रम में मुख्य रूप से एच.ओ.डी रामरूप यादव, आनंद मिश्रा, अंशु कुमार, धनंजय कुमार, डी.के भास्कर, आर.के. गारा, रूपम कुमारी आदि शिक्षकों के द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं को सामाजिक जीवन में शिक्षा का महत्व, छात्र जीवन आदि विषयों पर मोटिवेशन किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा दहेज प्रथा, नारी शिक्षा आदि विषय पर तैयार किए गये प्रेरणादायक एकांकी की प्रस्तुति तथा अन्य तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य रूप से अनिश कुमार, हिमांशु कुमार, विमल, करण, शिवनंदन, अरविंद, हरिबोल, प्रशांत आदि ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम को शिक्षक अरविंद कुमार, घनश्याम कुमार, कुमार रंजन, अमित कुमार गौतम आदि ने भी संबोधित किया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य भूमिका कॉलेज के सीनियर छात्र प्रवीण कुमार, शमशीद आलम, अतुल कुमार झा, रोहित यादव, अमरदीप कुमार, अंकित कुमार गौतम, विमल कुमार आदि ने निभाई। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रबंधन के द्वारा सामुहिक रूप से धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

 

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