जिलाधिकारी स्वयं कर रहे नियमित अनुश्रवण, शौचालय निर्माण अभियान ने पकड़ी रफ्तार

 

शिवहर,लाल बाबू पांडेय,

राज्य के सबसे छोटे और पिछड़े जिले को लक्षित अवधि में खुले में शौचमुक्त करने हेतु प्रशासन ने पूरा जोर लगा दिया है। जिलाधिकारी, मो अरशद अजीज ने जिले में कराये जा रहे शौचालय निर्माण से लेकर लाभुको को प्रोत्साहन राशि की भुगतान तक की प्रगति की स्वयं अनुश्रवण कर रहे हैं। शौचालय निर्माण एवं इससे जुड़े कार्यों की प्रगति का पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण करने हेतु अधिकारियों एवं कर्मियों का वाट्स एप ग्रुप डिडब्लूएससी बनाया गया है। जिस पर पल-पल शौचालय निर्माण की गतिविधि पोस्ट की जा रही है। जिलाधिकारी द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण शौचालय निर्माण कार्य कराने के लिए निदेशित किया जा रहा है। वहीं जिस अधिकारी एवं कर्मी के द्वारा थोड़ी भी उदासीनता या अरूचि दिखाई जाती है उनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं डीडीसी, वारिस खान ने ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर जागरूकता अभियान को गति प्रदान कर रहे हैं। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के साथ तारतम्य बनाते हुए राज्य में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत संपूर्ण बिहार राज्य को ओडीएफ करने का कार्य दु्रत गति से कराया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक शौचालयविहीन घर में दो गड्ढे वाला एक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। शौचालय का निर्माण लाभुक को स्वयं करनी है। सरकार द्वारा प्रति लाभुक परिवार को 12000.00 रू0 प्रोत्साहन राशि का भुगतान उनके बैंक खाता के माध्यम से किया जा रहा है। भुगतान के पूर्व सत्यापन की प्रक्रिया अपनायी जाती है। इसे हेतु शौचालय निर्माण के बाद स्वच्छता टीम द्वारा इसका सत्यापन एवं जिओटैग फोटोग्राफी की जाती है। इसके बाद भुगतान की कार्रवाई की जाती है। जिलाधिकारी द्वारा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को उनके क्षेत्राधीन पड़ने वाले लाभुकों को प्रोत्साहन राशि का अविलंब भुगतान करने हेतु लगातार निदेशित किया जा रहा है। आंकड़ो के विश्लेषण से यह ज्ञात हो रहा है कि प्रतिदिन औसतन 300 से अधिक शौचालयों की जिओटैगिंग करायी जा रही है वही प्रशासन द्वारा शौचालय का निर्माण करने के साथ-साथ इसका उपयोग करने एवं साफ-सफाई के प्रति लोगो को जागरूक करने हेतु जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस कड़ी में खुले में शौच की प्रवृत्ति पर रोक लगाने हेतु अधिकारियों एवं स्वच्छाग्रहियों के दल द्वारा गांव/टोलों में जाकर फोलोअप कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। इस कार्य में आम लोगों की संपूर्ण भागीदारी अनिवार्य है तभी संपूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य की प्राप्ति हो सकेगी और शिवहर जिला पूर्ण स्वच्छ जिला बन सकेगा।

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