बीमारी की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक मवेशियों की मौत

कई गांवों में फैली बीमारी से आक्रांत हैं मवेशी, पशुपालकों में चिन्ता व्याप्त

रिपोर्ट तारकेश्वर प्रसाद

आरा।भोजपुर जिले में जानवरों पर आई आफत कई जानवरों की मौत होने से जानवर पालने वालों में हड़कंप व्याप्त है मामला भोजपुर जिले के बिहिया प्रखंड की है जहाँ पर कई गांवों में अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से अब तक एक दर्जन से भी अधिक मवेशियों की मौत हो चुकी है जिससे पशुपालकां में अफरा-तफरी मची हुई है. पशुओं में फैली इस बीमारी को गलघोंटू या निमोनिया बता रहे ग्रामीण मवेशियों को बीमारी से बचाने को लेकर झोलाछाप पशु चिकित्सक व सरकारी पशु चिकित्सालय में दौड़ लगा रहे हैं. कई लोग तो मामले को लेकर झाड़-फूंक का भी सहारा ले रहे हैं. प्रखंड के चकरही, तियर व महुआंव गांव में मवेशी बुरी तरह से बीमारी की चपेट में आ चुके हैं जिससे कई की मौत हो चुकी है तथा कई आक्रांत हैं. मवेशियों को अचानक तेज बुखार व हांफ हो रहा है और देखते हीं देखते उनकी मौत हो जा रही है. जानकारी के अनुसार चकरही गांव में शिवजी सिंह व खिचड़ी धानुक की दो-दो भैंस, तथा श्रीभगवान सिंह, काशीनाथ सिंह, सूर्यनाथ सिंह, बजरंगी यादव की एक-एक भैंस, जवाहर सिंह की एक गाय, गोपाल सिंह का बछड़ा, सत्यनारायण यादव की गाय की मौत हो चुकी है तथा कई मवेशी रोग से आक्रांत हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सूचना दिये जाने के बावजूद सरकारी पशु चिकित्सक गांव में नहीं आ रहे हैं. कमोवेश यही स्थित तियर व महुआंव गांव में भी बनी हुई है जहां मवेशियों के मरने व बीमार होने का सिलसिला जारी है. हालांकि बुधवार को पशु चिकित्सक चकरही गांव पहुंचे और कई बीमार मवेशियों का इलाज किया.
पशु चिकित्सालय बिहिया के चिकित्सक ने बताया कि मवेशियों में गलघोंटू बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं बल्कि जो लक्षण मिला है उसे निमोनिया कहा जा सकता है. पशु पालकों को सुझाव देते हुए कहा कि मवेशियों को बाहरी स्थल पर का पानी व घास नहीं खाने-पीने दें जिससे कि बचाव हो सके.

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