गंगा नदी की जलस्तर में लगातार वृद्धि

हजारो लोग गाँव छोड़ने पर मजबूर,जिला प्रशासन जुटी बचाव कार्य में

रिपोर्ट तारकेश्वर प्रसाद

आरा।बिहार में बाढ़ की समस्या सालों पुरानी है। इसे रोकने के लिए नदियों पर तटबंध बनाने का तरीका कारगर नहीं रहा है। ऐसे में केंद्र व राज्य सरकारों को इससे स्थायी निजात दिलाने की ठोस योजना पर काम करना चाहिए ताकि जानमाल का नुकसान कम से कम हो। बतादे कि उत्तर भारत में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा नदी व उसकी सहायक नदियों नदियां उफान पर हैं। गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। भोजपुर के बड़हरा में गंगा के जलस्तर में बीते 24 घंटे में 7 सेंटीमीटर वृद्धि हुई है। ऐसे में बड़हरा में गंगा नदी खतरे के निशान से बेहद करीब पहुंच गयी है और खतरे के निशान से महज पांच सेंटीमीटर नीचे रह गई है। गंगा नदी में उफान से भोजपुर जिले के बड़हरा, आरा सदर, बिहिया एवं शाहपुर प्रखंड के दियारा इलाकों में बाढ़ का खतरा मड़राने लगा है। धीरे-धीरे बाढ़ का पानी दियारा के निचले इलाकों में पसर रहा है। जिससे गांव के लोग भयभीत होकर गांव छोड़ सुरक्षित स्थान पर जाने लगे हैं क्योंकि लोगों का कहना है कि अगर अचानक बाढ़ पूरी तरह से गांव को घेर लेगा तो फिर भागना भी नामुमकिन हो जाएगा वही बड़हरा के निचले इलाके के सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल डूब गई है। किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। दियारे व आसपास के आम लोग भी बाढ़ की आशंका के मद्देनजर रोजमर्रा के सामानों की खरीदारी जोर-शोर से करने में लगे हैं।
बड़का लौहर- दुबेछपरा कच्ची सड़क पर आवागमन ठप
बड़हरा का इलाका अब तक सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। पूरा तटीय इलाका नदी में तब्दील हो गया है। बाढ़ का पानी बड़का लौहर- दुबेछपरा कच्ची सड़क पर चढ़ गया है। इससे सड़क पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। फरना- बखोरापुर मुख्य पथ पर तो पानी का सैलाब बह रहा है। बाढ़ को लेकर दियारे के लोग अभी से ही सुरक्षित स्थान पर जाने लगे हैं। बाढ़ में फसल डूब जाने के कारण किसान चिंतित हैं। दियारे के किसानों के सामने आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गई है। देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोग भी बाढ़ के हालात के बारे में जानकारी लेने लगे हैं।
कुछ इलाकों के ऊपरी हिस्सों में भी फैल रहा पानी
प्रखंड के भुसहुला, करजा, केशोपुर, बखोरापुर, बड़कालौहर, नेकनाम टोला, बड़हरा, एकवना, सिरिसिया, सबलपुर, आलेखी टोला, जीवाराय के टोला, शालिग्राम सिंह के टोला, महुदही, नथमलपुर, पैगा व दुबेछपरा समेत अन्य गांवों के ऊपरी हिस्सों में पानी फैलने लगा है।
बड़हरा में 30 सरकारी नावें जर्जर हाल में
एक तरफ जहां प्रशासन बाढ़ आपदा को लेकर तैयारी पूरी करने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अब तक 30 सरकारी नावें जर्जर स्थिति में हैं। नावें चलने लायक तक नहीं है। बाढ़ को लेकर स्थानीय प्रशासन सुस्त है। स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो रहा है। लोगों ने कहा कि बड़हरा में बाढ़ को ले क्या तैयारी हो रही है, यह अब तक किसी को पता ही नहीं चल रहा। बाढ़ आने को है, लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक जर्जर नावों की मरम्मत का कार्य तक नहीं कराया है।

क्या कहते हैं अधिकारी सुरेंद्र प्रसाद, एडीएम, भोजपुर

बाढ़ को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। बाढ़ निरोधी कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी व कर्मी बख्शे नहीं जायेंगे।
अरुण प्रकाश, एसडीएम, आरा सदर
बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए जिला व प्रखंड प्रशासन सतर्क हो गया है। बाढ़ वाले स्थानों पर होमगार्ड की तैनाती करने के साथ क्षेत्र में अफसरों से लगातार निगरानी कराई जा रही है।

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