मौलाबाग़ पुष्पकला मंदिर द्वारा निकाली गई आकर्षक कृष्ण शोभायात्रा, देखने के लिए लगे हजारों श्रद्धालुओं की भीड़

ब्यूरो रिपोर्ट, तारकेश्वर प्रसाद

आरा । आरा में कृष्ण जन्माष्टमी के विशेष अवसर पर कृष्ण रूप सज्जा सह आकर्षक कृष्ण शोभायात्रा की झांकी मौलाबाग़ पुष्पकला मंदिर के द्वारा निकाली गई। श्री कृष्ण शोभायात्रा में दर्शाया गया कि कृष्ण का जन्म होते दरवाजे अपने आप खुल गये पहरेदार सो गये वासुदेव कृष्ण को लेकर गोकुल को चल दिए रास्ते में यमुना श्रीकृष्ण के चरणो को स्पर्श करने के लिए बढने लगी भगवान ने अपने पैर लटका दिए चरण छूने के बाद यमुना घट गई वासुदेव यमुना पार कर गोकुल में नन्द के यहाँ गये बालक कृष्ण को यशोदाजी की बगल मे सुंलाकर कन्या को लेकर वापस कंस के कारागार में आ गए। जेल के दरवाजे पूर्ववत् बन्द हो गये। वासुदेव जी के हाथो में हथकडियाँ पड गई, पहरेदारजाग गये कन्या के रोने पर कंस को खबर दी गई। कंस ने कारागार मे जाकर कन्या को लेकर पत्थर पर पटक कर मारना चाहा परन्तु वह कंस के हाथो से छूटकर आकाश में उड गई और देवी का रूप धारण कर बोली, “हे कंस! मुझे मारने से क्या लाभ? तेरा शत्रु तो गोकुल में पहुच चुका है“। यह दृश्य देखकर कंस हतप्रभ और व्याकुल हो गया। कंस ने श्री कृष्ण को मारने के लिए अनेक दैत्य भेजे श्रीकृष्ण ने अपनी आलौलिक माया से सारे दैत्यो को मार डाला। बडे होने पर कंस को मारकर उग्रसेन को राजगद्दी पर बैठाया . श्रीकृष्ण की पुण्य तिथी को तभी से सारे देश में बडे हर्षोल्लास से मनाया जाता है।वही मौलाबाग़ स्थित शिव मंदिर से कृष्ण भगवान की एक झांकी प्रारंभ हुई और आरा शहर के पकड़ी, बजाज शोरूम, स्टेशन रोड, नवादा, मठिया मोड़, महावीर टोला, रमना मैदान, गिरजा मोड़ सहित दर्जनों रास्तों से होते हुए पुनः मौलाबाग़ मोड़ पर आकर शोभायात्रा का समापन हुआ। इस शोभायात्रा में नन्हें-नन्हें बच्चों ने कृष्ण, सुदामा, वासुदेव आदि के रूप धारण कर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने डीजे के धुन पर खूब झूमते हुए भगवान कृष्ण के जयकारे लगाते नज़र आये। भगवान कृष्ण की इस शोभायात्रा में कृष्ण मंडली का शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर पुरजोर स्वागत किया गया। कई चौक चौराहों पर बाल कलाकारों को चॉकलेट, बिस्किट, आइसक्रीम और कोल्डड्रिंक भेंट किया गया। कार्यक्रम के प्रथम चरण में सर्वप्रथम मौलाबाग़ स्थित शिव मंदिर के प्रांगण में बाल कलाकारों की आरती उतारी गई। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में निकाली गई इस शोभायात्रा में वासुदेव की भूमिका निभा रहे कनखड़ यादव समुद्र की लहरों में अपने कंधों पर कृष्ण को ढोते नज़र आये जो कि शोभायात्रा की सबसे आकर्षक दृश्य था। शोभायात्रा के समापन संचालन में श्याम सुंदर यादव उर्फ छोटे यादव ने कहा कि छः दिन बाद भगवान कृष्ण के छट्ठी अवसर पर भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में लक्षमण उर्फ सिपाही यादव उद्घोषणा कर रहे थे। इस कार्यक्रम में संरक्षक के रूप में श्याम किशोर यादव, भूषण यादव, ओम प्रकाश पाल, अनिल यादव और अभिषेक कुमार चंद्रवंशी संयुक्त रूप से शामिल थे। इस शोभायात्रा में छोटे यादव, सतेंद्र यादव, विकास, सोनू, अभिषेक, बिट्टू, रजत, शुभम, चंदीप, प्रदीप, भोला, सुदामा, विशाल, सतेंद्र, जितेंद्र, अफ़रोज़, सद्दाम, सलमान, जितेंद्र यादव, बादल, सागर, मंटू, सुभाष, लव, आशीष आदि के अलावा सैकड़ों की संख्या में कृष्णभक्त शामिल थे।

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