खेत में मिली लावारिश दुधमुंही बच्ची,मशीहा बन पुलिस ने बच्ची की बचाई जान

तारकेश्वर प्रसाद

आरा। सरकार भले ही कितने भी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे लगाए, लेकिन लोगों की मानसिकता लड़कियों के बारे में अभी भी वही है, जिसमें उसे बोझ माना जाता है. कहते हैं कभी-कभी इंसान इतना गिर जाता है कि मानवता भी शर्मसार हो जाती है। बिहार के भोजपुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी ही घटना सामने आई हैं जहाँ एक दुधमुंही बच्ची को उसके माँ बाप ने जन्म के बाद ही उसे खुले आसमान के नीचे खेत में फेंक दिया है। मामला उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बेलाउर बंगला की है जहाँ बच्ची एक खेत में पड़ी थी। लोग तमाशबीन बने रहे मगर किसी ने भी उसे वहाँ से हटाने की कोशिश तक नहीं किया। जैसे तैसे सूचना मिलने पर उदवंतनगर थाना प्रभारी मौके से बच्ची को लेकर आरा सदर अस्पताल में पहुंचे जहाँ उन्होंने सदर अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया। फिलहाल बच्ची का इलाज अस्पताल में कराया जा रहा है। बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टर ए के पांडेय ने बताया कि बच्ची की हालत अभी ठीक ठाक है। हालांकि शरीर में थोड़ा सा पीलापन आया है मगर पहले से स्थिति अभी ठीक है। डॉक्टर ने बताया कि उदवंतनगर थाना के थानाप्रभारी शाम 4 बजे के करीब आरा सदर अस्पताल में इलाज के लिए ले कर आये है। बच्ची का वजन ढाई किलो है जो कि नवजात शिशु के लिए औसत वजन है। बच्ची को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। वहीं दूसरी ओर घटना की सूचना भोजपुर बाल संरक्षण इकाई को मिलते ही भोजपुर बाल संरक्षण इकाई की अध्यक्षा सुनीता सिंह आरा सदर अस्पताल में पहुंच कर बच्ची का हाल जाना। सुनीता सिंह ने बताया कि बच्ची रोड के किनारे खेत में फेंकी गई थी। बारिश में ही बच्ची खुले आसमान के नीचे पड़ी रही, भगवान का शुक्रिया है कि कोई भी अनहोनी इस नवजात के साथ नहीं घटी यहाँ तक कि किसी जानवर ने भी इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। बच्ची बहुत ही सुंदर है स्वस्थ है। यह बहुत ही घृणित मानसिकता वाले व्यक्ति द्वारा किया गया काम है। ऐसी तमाम घटनाएं बढ़ती जा रही है जो कि चिंता का विषय है। देखने से लगता है कि बच्ची का कल रात ही जन्म हुआ है। बच्ची को स्वस्थ हो जाने के बाद विशिष्ट दत्तक संस्थान प्रयास भारती ट्रस्ट पटना में भेजा जाएगा।

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